भारत-चीन के बीच सीमा वार्ता अच्छी बात, ब्रिक्स समिट पर भी होगी चर्चा : वीणा सिकरी

New Delhi, 24 अगस्त . बांग्लादेश में India की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने एनएसए अजीत डोभाल के चीन दौरे को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच सीमा को लेकर 25वें दौर की हो रही बातचीत अच्छी है और इसमें एनएसए डोभाल का प्रतिनिधित्व करना अहम है. इसके साथ ही, उन्होंने आगामी ब्रिक्स समिट और भारत-कनाडा संबंधों पर भी अपनी राय रखी.

एनएसए अजीत डोभाल के चीन दौरे को लेकर पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा, “ये तो बहुत अच्छी बात है कि India और चीन के बीच 25वें दौर की सीमा को लेकर बातचीत हो रही है. खासतौर से इस बातचीत में India के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि सीमा को लेकर बातचीत में ये एक महत्वपूर्ण सीरीज है. इसमें बातचीत होती है कि कैसे सीमा के मुद्दों को सुलझा दिया जाए. India में 15-20 दिनों के बाद ब्रिक्स समिट होने जा रहा है. ऐसे में एनएसए डोभााल की चीनी प्रतिनिधियों के साथ ब्रिक्स समिट को लेकर भी चर्चा होगी.

वीणा सिकरी ने कहा, “उम्मीद की जा रही है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के President शी जिनपिंग भी यहां आएंगे. उनके आने से पहले यह जरूरी है कि हमारे वरिष्ठ लोग वहां जाएं और उनसे बातचीत करें कि ब्रिक्स समिट में क्या होगा? द्विपक्षीय बैठक में क्या-क्या होगा? हमारे विदेश मंत्री भी रूस गए हुए हैं. वे भी द्विपक्षीय बैठक के लिए गए हैं, लेकिन जो President पुतिन के India दौरे को लेकर जो चर्चा हो रही है, वहां इस विषय पर भी चर्चा जरूर हुई होगी.”

उन्होंने कहा कि अगर President शी जिनपिंग के India आने की पुष्टि हो जाती है कि वो आ रहे हैं तो द्विपक्षीय बैठक जरूर होगी. ऐसी मुलाकातों में तो जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, उनपर बातचीत होती है. ऐसे में सीमा विवाद पर भी बातचीत जरूर होगी.

गोल्डी बरार के ऑडियो और भारत-कनाडा के संबंध को लेकर पूर्व उच्चायुक्त ने कहा, “अब तो दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हो गए हैं. कुछ साल पहले पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कह दिया था कि उनके पास विश्वसनीय आरोप हैं कि India हरदीप निज्जर की मौत के लिए जिम्मेदार है. India ने उस वक्त बहुत ही सख्त लहजे में प्रतिक्रिया दी थी. India ने कहा था कि हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं, हम किसी तरह से इसमें शामिल नहीं हैं.”

उन्होंने कहा कि आखिर में द्विपक्षीय संबंध को काफी नुकसान हुआ था, डिप्लोमैट्स भी वापस आ गए थे, और व्यापार पर भी इसका प्रभाव पड़ा. अब जो कनाडा के नए पीएम मार्क कार्नी हैं, उन्होंने काफी कुछ सुलझा दिया है. कनाडा की एजेंसी ने भी कन्फर्म किया है कि India की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं है.

केके/डीकेपी

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