
New Delhi, 30 सितंबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं. दोनों देशों की साझेदारी अब निवेश, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, नवाचार, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं और उच्च मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है.
Wednesday को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीयूष गोयल जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका के मिल्वौकी पहुंचे हैं. उनके आगमन पर शिकागो स्थित India के महावाणिज्यदूत ने उनका स्वागत किया.
वाणिज्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि दौरे के दौरान गोयल ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (एनएएम) द्वारा आयोजित एक बिजनेस राउंडटेबल में अमेरिका की प्रमुख विनिर्माण और प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. एनएएम अमेरिका की अग्रणी विनिर्माण कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है और अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र के लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर के जीडीपी योगदान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है.
बैठक के दौरान अमेरिकी उद्योग प्रतिनिधियों ने India में उपलब्ध अवसरों और अपने कारोबार के विस्तार को लेकर विचार साझा किए. इस अवसर पर पीयूष गोयल ने कहा कि India Government कंपनियों के संचालन, विस्तार और निवेश संबंधी योजनाओं को सुगम बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है.
गोयल ने बिजनेस राउंडटेबल (बीआरटी) और एनएएम द्वारा रॉकवेल ऑटोमेशन के मुख्यालय में आयोजित एक स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया. यहां उन्होंने जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों और अमेरिकी उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की.
वाणिज्य मंत्री ने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में तेजी का उल्लेख करते हुए India के तेजी से बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल को रेखांकित किया. उन्होंने अमेरिकी निर्माताओं को India में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ साझेदारी करने तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में संयुक्त निवेश करने का आमंत्रण दिया.
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर ऐसी आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण करना चाहिए जो अधिक मजबूत, भरोसेमंद और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए मूल्य सृजित करने वाली हों.
इस बीच, India और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को लेकर भी गतिविधियां तेज हो रही हैं. दोनों देश एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ पीयूष गोयल की प्रस्तावित बैठक इस व्यापार समझौते को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. माना जा रहा है कि दोनों पक्ष एक अंतरिम व्यापार व्यवस्था और व्यापक बीटीए के लिए आगे की रूपरेखा पर चर्चा कर सकते हैं.
अमेरिका यात्रा के दौरान गोयल कई अन्य द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है. इन चर्चाओं में विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, निवेश, आपूर्ति शृंखला सहयोग और नए कारोबारी अवसर प्रमुख विषय रहेंगे.
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डीबीपी