भारत-ईरान रिश्तों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले, पुराने संबंध नहीं भूलने चाहिए

New Delhi, 12 सितंबर . कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने ईरान के President मसूद पेजेश्कियन के साथ Prime Minister Narendra Modi की बातचीत, उत्तराखंड के पूर्व Chief Minister हरीश रावत के इस्तीफे और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर केंद्र Government पर तीखा हमला बोला. प्रमोद तिवारी ने भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए दोनों देशों के बीच संवेदनशील और दोस्ताना रिश्ते बनाए रखने की जरूरत बताई.

ईरान के President मसूद पेजेश्कियन के साथ बातचीत में Prime Minister Narendra Modi ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. प्रमोद तिवारी ने कहा कि India को ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को नहीं भूलना चाहिए. आजादी के समय India की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और उस दौर में अरब देशों ने India को कम कीमत पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया था. तिवारी ने यह भी कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्दे पर India का समर्थन किया था.

कांग्रेस सांसद ने अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को भी अनुचित बताया. उन्होंने Prime Minister मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बोलने का साहस नहीं दिखाते और उन्हें गले लगाते रहते हैं.

उत्तराखंड के पूर्व Chief Minister हरीश रावत के सहयोगी के यहां ईडी की छापेमारी के बाद कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने पर प्रमोद तिवारी ने इसे पार्टी की नैतिकता से जोड़कर देखा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में यह भावना है कि बड़े भ्रष्टाचार से दूरी रखी जानी चाहिए. उनके मुताबिक, हरीश रावत ने नैतिकता का तकाजा मानते हुए इस्तीफा देकर एक उदाहरण पेश किया है.

प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की जांच कानून के तहत होनी चाहिए, लेकिन हरीश रावत द्वारा पद छोड़ना उनकी Political नैतिकता को दर्शाता है. उन्होंने इसे जिम्मेदारी स्वीकार करने और सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मानदंड स्थापित करने वाला कदम बताया.

भारत-चीन तनाव पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को लेकर भी सांसद प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या रिजिजू ने विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है. कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों को चीन से जुड़े मुद्दों पर बोलना चाहिए, वे चुप हैं.

प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि चीन अरुणाचल प्रदेश को अपने हिस्से के रूप में दिखा रहा है, वहां ‘स्मार्ट विलेज’ बना रहा है और भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि यदि कोई इन गतिविधियों का मुकाबला कर सकता है तो वह India के Prime Minister हैं. कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि India की जमीन के छोटे से हिस्से पर भी किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता.

एसएके/वीसी

Leave a Comment