भारती सिंह के लिए खास है दशहरा, बोलीं- ‘बच्चों को बचपन की खूबसूरत यादें देना चाहती हूं’

Mumbai , 20 अक्टूबर . कमीडियन भारती सिंह ने दशहरे के मौके पर परिवार, परंपराओं और खुशियां बांटने के महत्व पर बात की. उनका कहना है कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, त्योहार उनके लिए और भी खास बन जाते हैं. ये मौके बच्चों को परिवार की परंपराओं से जोड़ने और उनके बचपन की खूबसूरत यादें बनाने का मौका देते हैं.
फिलहाल ‘इंडियन गेम शो’ को होस्ट कर रहीं भारती ने से बातचीत में कहा कि त्योहारों के मौसम में समय कितनी तेजी से बीतता है, इसका एहसास बच्चों को बड़े होते देखकर होता है.
उन्होंने कहा, ”समय सच में बहुत तेजी से बीतता है, खासकर त्योहारों के मौसम में. एक के बाद एक त्योहार आते रहते हैं, लेकिन प्यार, परिवार और साथ रहने की भावना हमेशा एक जैसी रहती है, जो हम सभी को जोड़कर रखती है. अपने बच्चों को बड़े होते देखकर एहसास होता है कि समय कितनी जल्दी बीत जाता है.”
भारती ने आगे कहा, ”बच्चों के बड़े होने के साथ हर त्योहार कुछ अलग लगने लगता है. गोला और छोटे काजू के आने से ये त्योहार मेरे लिए और भी खास और मायने रखने वाले हो गए हैं. मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे हमारी परंपराओं को करीब से जानें, उन्हें खुद अनुभव करें, उनसे जुड़ी कहानियों को समझें और परिवार के उन रीति-रिवाजों को याद रखें, जो आगे चलकर उनके बचपन की सबसे खूबसूरत यादें बनेंगे.”
दशहरे के महत्व पर बात करते हुए भारती ने कहा, ”यह त्योहार लोगों के दिलों में उम्मीद जगाता है और याद दिलाता है कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, आखिर में अच्छाई, रोशनी और खुशियों की ही जीत होती है. इस साल की खुशी और भी खास है, क्योंकि हमारे ‘इंडियन गेम शो’ को दर्शकों का बहुत प्यार मिल रहा है. यह जानना कि देशभर में परिवार हर शाम अपनी स्क्रीन के सामने बैठते हैं, साथ हंसते हैं, सुकून के पल बिताते हैं और रोजमर्रा की परेशानियों को कुछ देर के लिए भूल जाते हैं, हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है.”
उन्होंने आगे कहा, ”यह शो लोगों को हंसाने और उन्हें एक साथ लाने के मकसद से बनाया गया है. लोगों के घरों तक रोजाना खुशियां पहुंचाना हमें ऐसा महसूस कराता है, जैसे हम भी दर्शकों के परिवार का हिस्सा हों. मैं कामना करती हूं कि विजयादशमी हर घर से तनाव, नकारात्मकता और परेशानियों को दूर करे और लोगों के जीवन में हंसी, अच्छी सेहत और अनगिनत मीठे पल लेकर आए.”
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पीके/एबीएम


