भाजपा नहीं चाहती पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था मजबूत हो : कुणाल घोष

कोलकाता, 29 सितंबर . पश्चिम बंगाल की एक महत्वाकांक्षी कोयला खनन परियोजना देउचा पचामी परियोजना को लेकर Union Minister जी. किशन रेड्डी के बयान पर तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर Political उद्देश्य से बयान देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि देउचा पचामी प्रोजेक्ट ममता बनर्जी की तत्कालीन Government की एक बड़ी कामयाबी है. यह हमारे राज्य के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी योजना है. ममता बनर्जी ने इस परियोजना को शुरू करने के लिए संघर्ष किया. शायद भाजपा नहीं चाहती कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था मजबूत हो.

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित देउचा पचामी कोयला ब्लॉक परियोजना को लेकर संसद में स्पष्ट किया है कि इस परियोजना के संचालन की अनुसूचित तिथि 27 सितंबर 2027 तय की गई है.

वहीं, हुगली और बेलियाघाटा में हाल में हुए हमलों को लेकर भी कुणाल घोष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद उन पर छह बार हमले हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन दिनों Friday, Saturday और Sunday को भी घटनाएं हुईं.

घोष ने Saturday की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तब उनकी कार पर हमला किया गया. घटना का वीडियो भी मौजूद है और इसमें भाजपा के मंडल अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है. उन्होंने कहा कि हमले में उनकी कार का शीशा तोड़ा गया और उन्हें चोट भी लगी.

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने पर कुणाल घोष ने इसका स्वागत किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी बदले की राजनीति के तहत की गई थी. घोष के मुताबिक, जैसे ही ममता बनर्जी ने उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर निशाना साधते हुए कुणाल घोष ने कहा कि उनके बयान हताशा को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, “इतनी साजिशों के बावजूद ‘शेरनी’ अभी जीवित है. बंगाल लड़ने के लिए तैयार है.”

कुणाल घोष ने चुनाव आयोग के जरिए वोटों की चोरी, चुनाव के बाद कथित Police राज और टीएमसी को तोड़ने के लिए भाजपा की कथित साजिश का भी आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इन सबके बावजूद ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय नेताओं में बनी हुई हैं.

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एसएके/वीसी

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