‘भाजपा के लिए गाय वोट लेने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का तरीका’, सीएम योगी के बयान पर कांग्रेस और सपा का पलटवार

Lucknow, 28 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister आदित्यनाथ के के बयान ‘गाय को जानवर बताने वाले खुद पशु बुद्धि के शिकार’ पर Samajwadi Party और कांग्रेस के नेताओं पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा वालों के लिए गाय सिर्फ पशु है. गाय उनके लिए वोट लेने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का तरीका है.”

Samajwadi Party के प्रवक्ता अमीक जमेई ने समाचार एजेंसी से कहा, “पशु कौन है और कौन नहीं है, यह उत्तर प्रदेश स्तरीय जांच का विषय है. सीधी बात यह है कि सबसे अधिक गौकशी योगी आदित्यनाथ की Government में हुई है. यह कब तक चलेगा. Sunday को गाय, Monday को Pakistan, Tuesday को मुसलमान, जुमे रात को जुमा और Saturday को मक्का मुअज्जमा, क्या इनके लिए जनता ने आपको चुना है.”

सपा प्रवक्ता ने कहा, “उत्तर प्रदेश में निवेश कैसे आएगा? बेरोजगारी कैसे दूर होगी? किसानों की मदद कैसे होगी? आपके पास इनके लिए कोई नीति नहीं है.”

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान ‘गाय को जानवर बताने वाले खुद पशु बुद्धि के शिकार’ पर कहा, “गाय हमारी मां है, इसमें तो कहीं कोई दो राय नहीं है. इसको लेकर के कोई विभेद नहीं है, सारे सनातन धर्मी क्या, जो भारतवर्ष का रहने वाला है, वह सब गाय को मां मानता है.”

सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “गाय को भारतीय जनता पार्टी के लोग पशु मानते हैं. पश्चिम बंगाल में भाजपा के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी कहते हैं कि 14 साल से ऊपर की गाय काट सकते हैं. असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं कि गाय काटो और अपने घर के अंदर खाओ. गोवा के Chief Minister कहते हैं कि राज्य में गाय का मांस कम पड़ गया है, इसलिए आयात करना पड़ रहा है. इसलिए भाजपा वालों के लिए गाय सिर्फ पशु है. गाय उनके लिए वोट लेने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने का तरीका है.”

वहीं, Chief Minister योगी आदित्यनाथ के बयान ‘रामकाज में कालेनमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहने की जरूरत’ पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “भाजपा Government रामद्रोही है. चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोविंद देव गिरि ही चंदा चोरी के सरदार हैं. उन्हें छोड़ दिया गया. भगवान राम के प्रति अपमान और चंदा चोरी करने वालों को जांच में बरी कर दिया जाता है. राम के आदर्शों के सबसे बड़े विरोधी योगी आदित्यनाथ और भाजपा के लोग हैं. उन्होंने अपनी Political शक्ति के लिए राम के नाम का इस्तेमाल किया.”

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डीसीएच/

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