भाजपा और वीएचपी ने तेलंगाना के सीएम पर ‘गांधी परिवार’ वाली टिप्पणी को लेकर हमला बोला

New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने Saturday को तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी पर India की Political प्रतिस्पर्धा को ‘संघ परिवार’ और ‘गांधी परिवार’ के बीच की लड़ाई बताने के लिए जमकर हमला बोला. उन्होंने इसे पूरी तरह से मानसिक दिवालियापन बताया.

केरल के नीलांबुर में प्रतिष्ठित आर्यदान मोहम्मद पुरस्कार प्राप्त करने के बाद Friday को बोलते हुए Chief Minister रेड्डी ने दावा किया कि ‘गांधी परिवार’ देश के लिए बलिदानों का प्रतीक है, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि ‘संघ परिवार’ India को धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजित कर रहा है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि रेवंत रेड्डी वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने चुनाव जीतने के लिए कहा था कि ‘कांग्रेस मुसलमान है और मुसलमान कांग्रेस है.’ इसका मतलब है कि दोनों का एक-दूसरे के बिना कोई अस्तित्व नहीं है.

उन्होंने को बताया कि जिहादी तुष्टीकरण के मामले में वे इतनी नीच हरकत पर उतर आए हैं कि उन्होंने संघ की तुलना राष्ट्रविरोधी संगठनों से करना शुरू कर दिया है… इस तरह की टिप्पणियां रेवंत रेड्डी को शोभा नहीं देतीं क्योंकि वे Chief Minister हैं.

BJP MP तरुण चुघ ने Chief Minister रेड्डी की टिप्पणियों को ‘चापलूसी’ करार दिया.

से बात करते हुए चुघ ने कहा कि चापलूसी अब चरम सीमा पर पहुंच गई है.

गांधी परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना के Chief Minister ने ये टिप्पणियां अपने ‘भ्रष्ट, निराश आकाओं’ को खुश करने के लिए की हैं.

BJP MP ने कहा कि एक भ्रष्ट परिवार की चापलूसी करने और उसकी प्रशंसा करने की होड़ लगी हुई है. बेहद भ्रष्ट गांधी-नेहरू परिवार, जिनकी नीतियों ने India में नीतिगत गतिरोध पैदा किया और जो सिखों के हत्यारे हैं, उनकी तुलना आरएसएस से की जा रही है, जिसके समर्पित देशभक्त अपना पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर देते हैं. यह घोर मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है.

इससे पहले दिन में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला किया.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने social media प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस ने अब खुलेआम स्वीकार कर लिया है कि उनके लिए लड़ाई ‘गांधी परिवार’ को सत्ता में वापस लाने की है. सच्चाई सबके सामने है. इसका ‘वोट चोरी’, चुनाव आयोग, संविधान या लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस पार्टी का असली उद्देश्य गांधी-वड्रा परिवार को सत्ता में वापस लाना है. कांग्रेस के लिए परिवार सर्वोपरि है, और केवल परिवार ही सर्वोपरि है.

–

एमएस/

Leave a Comment