
Patna, 14 अक्टूबर . Union Minister गिरिराज सिंह ने राघोपुर हादसे से लेकर एसआईआर और 2029 के चुनाव तक को लेकर विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. साथ ही उन्होंने इंडिया गठबंधन में राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर बगावत का दावा किया.
Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा, “राघोपुर की घटना बहुत दुखद है, लेकिन वहां के जनप्रतिनिधि दिल्ली में एक मीटिंग कर रहे थे तो यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है. वे प्रतिपक्ष के नेता भी हैं और वो राघोपुर की घटना से कितने मर्माहत थे, इससे यह पता चलता है. यह पहली बार नहीं है कि ऐसी घटनाओं के दौरान जनप्रतिनिधि दिल्ली में थे.”
उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है. जिसे जो करना है, वो कोर्ट में होगा. कोर्ट में राहुल गांधी ने याचिका डाली है, लेकिन ओवैसी हो या राहुल गांधी, एसआईआर बहाना है, उन्हें सिर्फ Prime Minister के खिलाफ बोलना है.
उन्होंने कहा कि दूसरी बात ये है कि राहुल गांधी के नेतृत्व को अब इंडिया गठबंधन के नेता स्वीकारने को तैयार नहीं हैं. मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन उसी इंडिया गठबंधन के एक नेता ने कहा कि राहुल गांधी नेतृत्व लायक नहीं हैं, उनके पास विजन नहीं है. वह पूरे देश को तहस-नहस कर देंगे, इसलिए हम उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेंगे. चाय की पार्टी हो गई, अब इन लोगों के साथ नहीं जुटूंगा.
गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के चुनाव में जीत के दावे को लेकर Union Minister ने कहा कि जो कहा है, वो शुरू हो गया है. अभी पश्चिम बंगाल में चार सीट पर उपचुनाव हुआ, असम में हुआ, और चारों उपचुनाव में कांग्रेस हार गई. त्रिपुरा में साढ़े चार हजार ग्राम सभा का चुनाव हुआ. मात्र 14 सीटों पर वो जीतकर आए, उन्हें उसकी चिंता नहीं है. 9 राज्य में तीस साल से ऊपर हो गया, Government नहीं बनी, और कोई चिंता नहीं है.
उन्होंने कहा कि इन्हें ये चिंता है कि राहुल गांधी देश में कैसे आग लगाएंगे, क्योंकि उनका अब एक ही यंत्र और तंत्र बचा है और इंडिया गठबंधन के लोग उनसे ऊब चुके हैं. राहुल गांधी को ही लोग तानाशाह कह रहा है.
Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में उनसे छोटा कोई नहीं है. वे 60 साल के हो गए हैं और केहुनी मारते रहते हैं. वह खुद को युवा कहते हैं. इंडिया गठबंधन के एक बड़े नेता ने कहा कि वे अब टी पार्टी पर चले गए हैं और उनकी लीडरशिप को नहीं मानते. वे ऐसे लोग हैं जो देश में आग लगाते हैं और अपनी लीडरशिप को बढ़ावा देते हैं.
उन्होंने कहा कि भाई-बहन के बीच हमेशा इस बात की होड़ रहती थी कि कौन लीड करेगा. इंडिया गठबंधन के एक बड़े नेता ने अकेले में मुझसे कहा कि राहुल गांधी की लीडरशिप में लड़ाई अब जीतने लायक नहीं लगती है.
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केके/डीकेपी