ब्रिक्स से भारत को क्या मिला? चिदंबरम के सवाल पर भाजपा का जवाब

New Delhi, 10 सितंबर . कांग्रेस के नेता पी. चिदंबरम के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने पूछा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से कूटनीति के क्षेत्र में क्या हासिल किया है.

दरअसल, पी. चिदंबरम ने हाल ही में एक इंटरव्यू में सवाल उठाया था कि ब्रिक्स समूह से India को क्या फायदा मिलता है. उन्होंने कहा था कि उन्हें इस समूह की हाल की बैठकों से कोई बड़ा नतीजा निकलता नहीं दिखा.

उनके इस बयान पर भाजपा नेता और प्रवक्ता नलिन कोहली ने प्रतिक्रिया दी. नलिन कोहली ने कहा, “यह देखकर हैरानी होती है कि मिस्टर चिदंबरम और कांग्रेस पार्टी ने ऐसा बयान दिया है, खासकर तब जब India ब्रिक्स समिट जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जहां कई राष्ट्राध्यक्ष और Government के प्रमुख आएंगे और Prime Minister Narendra Modi के साथ उनकी वन-टू-वन बैठकें भी होंगी.”

भाजपा नेता ने कांग्रेस के कूटनीति को देखने के नजरिए पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सिर्फ तुरंत होने वाले फायदे के तौर पर देखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “क्या कूटनीति को कांग्रेस पार्टी की तरह एक लेन-देन के रूप में देखा जाना चाहिए कि आपने मेरे लिए क्या किया? आप मेरे लिए क्या करेंगे?

नलिन कोहली ने 1947 से 2014 तक कांग्रेस के कूटनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “अगर हम ठोस नतीजों की बात करें तो हम सवाल पूछ सकते हैं कि 1947 से लेकर 2014 तक कूटनीति पर कांग्रेस पार्टी का पूरा रवैया क्या था, जिसमें शर्म अल-शेख भी शामिल है, जहां Pakistan को आतंक का पीड़ित बताया गया, जबकि वह आतंक फैलाने वाला है.”

शर्म अल-शेख संयुक्त बयान 16 जुलाई 2009 को India और Pakistan द्वारा जारी किया गया एक द्विपक्षीय दस्तावेज था. यह मिस्र में गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन के दौरान तत्कालीन Prime Minister मनमोहन सिंह और Pakistanी Prime Minister यूसुफ रजा गिलानी के बीच बैठक के बाद जारी किया गया था.

भाजपा नेता ने कांग्रेस नेताओं पर Pakistan जाकर Political बयानबाजी करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी के नेता Pakistan जाते हैं और कहते हैं, इनको हटाइए, हमको लाइए. इसलिए कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से खुद पर सवाल खड़े करती है जब वह तथाकथित ठोस नतीजों पर सवाल उठाती है और दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर सवाल खड़े करती है. कांग्रेस पार्टी को बहुत कुछ जवाब देना है.”

पी. चिदंबरम पर तंज कसते हुए नलिन कोहली ने कहा, “मिस्टर चिदंबरम का अजीब तर्क है. हमें कोई फायदा नहीं दिखता. कल को अगर कोई कहे कि उन्हें कांग्रेस पार्टी से कोई फायदा नहीं दिखता, तो क्या कांग्रेस पार्टी बंद हो जाएगी?”

नलिन कोहली ने कहा, “मुझे लगता है कि मिस्टर चिदंबरम Political अंक हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कोई मुद्दा ही नहीं है. Prime Minister मोदी की Government जो कुछ भी करती है, कांग्रेस उसकी आलोचना करती है, भले ही आलोचना करने का कोई आधार या कारण न हो.”

ब्रिक्स में फिलहाल 11 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. पूर्ण सदस्यों के अलावा बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स पार्टनर देशों के रूप में समूह में भाग लेते हैं.

वीकेयू/वीसी

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