ब्रिक्स समिट में शामिल होने के बाद चीन रवाना हुए शी जिनपिंग

New Delhi, 13 सितंबर . 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद President शी जिनपिंग चीन रवाना हो गए. दूसरे दिन आउटरीच बैठक में Prime Minister Narendra Modi का संबोधन सुनने के बाद उन्होंने फैमिली फोटो भी खिंचवाई.

Saturday को ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए वो सात साल बाद India आए थे. शिखर सम्मेलन से इतर उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की. जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि साझेदार हैं. इसके साथ ही दोनों देशों द्वारा सीमा विवाद को सुलझाते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की.

चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पिछले दो वर्षों में शी जिनपिंग और Prime Minister मोदी दो बार मुलाकात कर चुके हैं. इन बैठकों ने दोनों देशों के संबंधों को फिर से पटरी पर लाने और उन्हें सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

बयान में कहा गया कि India और चीन के बीच संस्थागत स्तर पर संवाद धीरे-धीरे फिर शुरू हुआ है. दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और द्विपक्षीय व्यापार भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि India और चीन की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों देश एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं, एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं और साझा सफलता हासिल करते हुए साथ आगे बढ़ सकते हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, President शी ने भारत-चीन संबंधों के दीर्घकालिक और स्थिर विकास के लिए चार प्रमुख सुझाव भी दिए.

उन्होंने कहा कि पहला, दोनों देशों को वस्तुनिष्ठ और संतुलित रणनीतिक समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए. India और चीन साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर हैं, खतरा नहीं. उन्होंने कहा कि यह सोच दोनों देशों के विकास स्तर, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और जनता के साझा हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.

दूसरा, दोनों देशों को सहयोग और साझेदारी के जरिए साझा सफलता हासिल करनी चाहिए. इसके लिए विकास को साझा लक्ष्य मानकर मित्रवत संबंधों और पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए.

तीसरा, दोनों देशों को आपसी सम्मान और समझदारी के आधार पर बाधाओं को दूर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए तथा सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए. चौथे सुझाव में शी जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि India और चीन को ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन तथा जी-20 जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाना चाहिए.

जिनपिंग ने दोनों देशों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया.

केआर/

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