
दिल्ली, 13 सितंबर . New Delhi में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘New Delhi घोषणा पत्र’ जारी होने और इसमें पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा किए जाने पर भाजपा नेताओं ने Prime Minister Narendra Modi की कूटनीति की सराहना की है. नेताओं का कहना है कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच पर India की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है.
बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने कहा, “मैं Prime Minister Narendra Modi को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के जरिए दुनिया के 11 अहम देशों का सहयोग मिला. मैं Prime Minister को इस बात के लिए भी बधाई देता हूं कि ब्रिक्स के जरिए बिहार के मखाना और सत्तू को दुनिया के नक्शे पर लाया गया है.”
ब्रिक्स में New Delhi घोषणापत्र पर जेडीयू नेता श्याम रजक ने से कहा, “India में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है. Prime Minister की कुशल कूटनीति और प्रबंधन के तहत, आतंकवाद के खिलाफ एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया गया और सभी भाग लेने वाले देशों ने इसे स्वीकार किया. सभी देशों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का आह्वान किया और पुलवामा हमले जैसी आतंकवादी घटनाओं की निंदा भी की. यह Prime Minister के प्रभावी प्रबंधन और सफल कूटनीति को दर्शाता है.”
ब्रिक्स देशों द्वारा पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने पर जेकेएनसी विधायक एडवोकेट रियाज अहमद खान ने कहा, “यह हमला नहीं होना चाहिए था. इसकी निंदा करना समय की जरूरत है. ब्रिक्स सम्मेलन में हमले की निंदा करना एक अच्छा कदम है. सम्मेलन में प्रमुख देशों के नेताओं ने हमले की निंदा की. हम चाहते हैं कि हमले की निंदा हो. इसके साथ ही, मैं यह भी कहना चाहूंगा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में सिख आबादी रहती है. चिट्टीसिंहपोरा में 36 सिखों के नरसंहार की भी निंदा की जानी चाहिए. मेरा मानना है कि इस मौके पर इसकी भी निंदा की जानी चाहिए थी.”
रियाज अहमद खान ने कहा, “हमारा मकसद है कि 2047 तक हमारा देश एक विकसित India बने. इसके लिए यह पहल बहुत ज़रूरी थी. बड़े देशों के साथ हमारे रिश्ते जितने मज़बूत होंगे, हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा.”
पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों द्वारा निंदा किए जाने पर भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा, “यह आतंकवाद किसी के भी हित में नहीं है. आतंकवाद से किसी का भला नहीं हो सकता. इस आतंकवाद की वजह से कश्मीर ने अनगिनत जख्म सहे हैं. आज, अच्छी बात यह है कि पूरी दुनिया यह समझने लगी है कि ये आतंकवादी किसी के भी शुभचिंतक नहीं हो सकते. आज खुद Pakistan, जिसने आतंकवादियों को पाला-पोसा, उन्हें ट्रेनिंग दी और हथियार मुहैया कराए, वही आतंकवाद का शिकार बन रहा है. बुजुर्ग कहा करते थे कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए. आज, Pakistan उसी का नतीजा भुगत रहा है.”
ब्रिक्स समिट में भारत-चीन संबंधों पर रविंदर रैना ने कहा, “कॉन्फ्रेंस में India और चीन के बीच बहुत अच्छे संबंध दिखे. India ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों और दुनिया भर के देशों के साथ दोस्ताना संबंध बनाए रखे हैं. पहले भी चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध थे, लेकिन गलवान घाटी की घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था. हालांकि, अब चीन और India के बीच लगातार कूटनीतिक बातचीत से सीमा और एलएसी से जुड़े कई मुद्दों को सुलझा लिया गया है. चीनी President शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए India आए हैं, और यह एक अच्छी बात है.”
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ओपी/एएस