
New Delhi, 5 सितंबर . ईरान के चीफ जस्टिस गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने Saturday को ब्रिक्स सदस्य देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को मजबूत करने और किसी भी देश के खिलाफ आक्रामकता, राष्ट्रीय संप्रभुता के उल्लंघन तथा अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाने का आह्वान किया.
New Delhi में ब्रिक्स देशों के मुख्य न्यायाधीशों की बैठक (ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए एजेई ने इस आयोजन की मेजबानी के लिए India Government और भारतीय न्यायपालिका का आभार जताया. उनके विचारों को New Delhi स्थित ईरानी दूतावास ने साझा किया.
फोरम में उन्होंने कहा, “दुनिया को ऐसे निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें सभी देशों को समान माना जाए और उनकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो.”
एजेई ने कहा, “ब्रिक्स उभरती वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें कोई भी शक्ति खुद को कानून से ऊपर न समझे. मैं ब्रिक्स से कानून के पक्ष में एकजुट होकर खड़े होने की अपील करता हूं.”
ईरानी न्यायपालिका प्रमुख ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन तथा गैरकानूनी बताया. उन्होंने दावा किया, ” हमले के पहले ही दिन मिनाब के एक स्कूल में 168 स्कूली बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मारे गए. अस्पतालों, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों, रिहायशी इलाकों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए जो निंदनीय है.” एजेई ने इन कार्रवाइयों को युद्ध अपराध का स्पष्ट उदाहरण बताया.
उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर जवाबदेही नहीं होने की स्थिति में कोई भी देश भविष्य में खुद को खतरे से बाहर नहीं समझ सकता. सवाल उठाया, “क्या कल हमसे यह नहीं पूछा जाएगा कि इतिहास के उस मोड़ पर हम किस पक्ष में खड़े थे?”
एजेई ने सदस्य देशों से ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा करने तथा आगे होने वाली कथित गैरकानूनी आक्रामक कार्रवाइयों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने ब्रिक्स देशों से सार्वभौमिक अधिकार क्षेत्र के सिद्धांत का इस्तेमाल करने और ईरान के खिलाफ युद्धों के दौरान कथित युद्ध अपराधों तथा मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने की भी अपील की.
अपने संबोधन के समापन में एजेई ने कहा कि आज दुनिया को पहले से कहीं अधिक ऐसे न्याय की जरूरत है जो चयनात्मक न हो, Political हितों के लिए कानून के शासन से समझौता न करे और किसी राष्ट्र के अधिकारों को उसकी शक्ति के आधार पर न तौले.
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केआर/