
हैदराबाद, 18 सितंबर . हैदराबाद की एक अदालत ने Friday को बीआरएस नेता मन्ने कृष्णंक की रिमांड की मांग को खारिज कर दिया. Police ने उनके घर का बंद दरवाजा तोड़कर उन्हें नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद यह फैसला आया.
नामपल्ली कोर्ट ने social media पोस्ट को लेकर गिरफ्तारी के बाद India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के social media कन्वीनर कृष्णंक को न्यायिक हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया. Police की रिमांड याचिका पर कोर्ट ने कहा कि Supreme Court के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए वह रिमांड की मांग को खारिज कर रही है.
इससे पहले, Police ने काफी हंगामे के बाद कृष्णंक को उनके घर से गिरफ्तार किया. सुबह से ही बड़ी संख्या में Policeकर्मी उनके घर के बाहर तैनात थे.
बीआरएस नेता ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया था, इसलिए Police अधिकारियों ने उनसे बाहर आने की कई बार अपील की. जब कृष्णंक बाहर नहीं आए तो Police ने घर में घुसने के लिए लोहे की ग्रिल का ताला तोड़ा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
कृष्णंक पर एक social media पोस्ट को लेकर मामला दर्ज किया गया था. यह पोस्ट एक ऐसी घटना के बारे में थी, जिसमें 14 सितंबर को सैफबाद Police स्टेशन में बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के निजी सहायक और पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर पर हमला किया गया था.
कृष्णंक ने पूछा, “सिर्फ इसलिए कि मैंने ट्वीट करके पूछा कि सैफबाद Police स्टेशन में मास्क पहनकर कौन घुसा था, उन्हें 100 Policeकर्मियों के साथ आने की क्या जरूरत थी? क्या मैं कोई अपराधी हूं? क्या मैं कहीं भागने की कोशिश कर रहा हूं?”
उन्होंने बताया कि Police सुबह 5 बजे उनके घर आई, गेट का ताला तोड़ा और दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की. उन्होंने कहा कि उनके 7 साल के बच्चे का एग्जाम था, लेकिन Police की रेड की वजह से वह जा नहीं पाया. उन्होंने बताया कि बच्चा घर पर ही बैठा रहा और Police की ज्यादती से डरा हुआ था.
उन्होंने कहा, “क्या यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मैंने कांग्रेस के भ्रष्टाचार, अत्याचार और नाकामियों पर सवाल उठाए और रेवंत रेड्डी के भाई की शेल कंपनी के बारे में बात की? उन्होंने पहले ही मेरे खिलाफ कई गैर-कानूनी मामले दर्ज किए हैं और मुझे दो बार जेल भेजा है. चाहे वे कितने भी गैर-कानूनी मामले दर्ज करें या मुझे कितना भी डराएं-धमकाएं, मेरा उनसे सवाल पूछना बंद करने का कोई इरादा नहीं है.”
केटी रामा राव ने जिस तरह से Police ने कृष्णंक को गिरफ्तार किया, उसकी निंदा की. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूछा कि क्या Government की आलोचना करना कोई गुनाह है.
रामा राव ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पोंसट में लिखा, “राहुल गांधी, आप संविधान की एक कॉपी साथ रखते हैं और उपदेश देते हैं. आप कहते हैं कि आपकी राजनीति ‘मोहब्बत की दुकान’ के बारे में है. आप बोलने की आजादी की बात करते हैं. लेकिन तेलंगाना में आपकी Government ठीक इसके उलट काम कर रही है. तेलंगाना Police ने दरवाजे तोड़े और हमारी पार्टी के नेता कृष्णंक के घर में घुस गई, और Government की आलोचना करने वाली एक social media पोस्ट के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया. जब Policeकर्मी हंगामा कर रहे थे, तो कृष्णंक की बेटी बुरी तरह रो रही थी.”
उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, “social media पोस्ट को लेकर गिरफ्तारी न करने के Supreme Court और हाई कोर्ट के साफ आदेशों के बावजूद, तेलंगाना में आपकी रेवंत Government लोकतंत्र की हत्या कर रही है और सभी लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन कर रही है. क्या कांग्रेस Government से सवाल पूछना गुनाह है? क्या सत्ताधारी Government की आलोचना करना अपराध है? क्या विपक्षी पार्टी के नेता को उनके परिवार वालों को डरा-धमकाकर गिरफ्तार करने का यही तरीका है? तेलंगाना जवाब मांग रहा है, मिस्टर राहुल गांधी.”
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एएसएच/डीकेपी