बिहार में छात्रों की मांगों पर सरकार का बड़ा फैसला, टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में होगी

Patna, 27 अगस्त . बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य Government के बीच Thursday को हुई वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी. शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्र प्रतिनिधिमंडल की सभी लिखित मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई.

बैठक के बाद छात्रों ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया. बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर हुआ. Government ने छात्रों की एकल परीक्षा आयोजित करने की मांग स्वीकार कर ली है. साथ ही ‘एक अभ्यर्थी, एक परिणाम’ के संदर्भ में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है. Government ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा की पारदर्शिता से जांच, बिहार कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के समयबद्ध आयोजन, 1,799 दरोगा पदों की भर्ती परीक्षा की जांच तथा सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले बिहार पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग पर भी निर्णय लिया.

परीक्षा सुधार के लिए Patna उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली विशेषज्ञ समिति के समक्ष शिकायतकर्ताओं को साक्ष्य के साथ अपना पक्ष और सुझाव रखने का अवसर दिया जाएगा. समिति की अनुशंसा के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. 1,799 दरोगा भर्ती की अग्रेतर प्रक्रिया भी समिति की रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी. वहीं, बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी कर समय पर परीक्षाएं कराने की कार्रवाई की जाएगी.

बैठक में पुस्तकालयाध्यक्षों की रिक्तियों के अनुरूप बहाली प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने पर भी सहमति बनी. संविदा कर्मियों को भर्ती प्रक्रियाओं में अंक या वेटेज दिए जाने की स्थिति में अलग कोटा निर्धारित करने के मुद्दे पर उच्चस्तरीय समिति बनाकर Government के प्रावधानों के आलोक में विचार किया जाएगा. बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के संबंध में न्यायविद से प्राप्त परामर्श के अनुरूप नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़े प्रस्ताव को भी समिति के समक्ष विचार के लिए रखने पर सहमति बनी.

Government ने बीपीएससी की तर्ज पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखने पर सहमति जताई. वहीं, बीपीएससी द्वारा आयोजित एईडीओ, सेनेटरी सहित परीक्षाओं में पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई.

Chief Minister सम्राट चौधरी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रों की मांगों को लेकर Government शुरू से गंभीर रही है. उन्होंने कहा कि इस बार टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी और छात्रों की मांगों के संबंध में नौ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं. Chief Minister ने कहा कि Government ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ गठित की है. Patna उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली यह समिति परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी.

उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू किए गए हैं. इनके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि Government छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है.

एमएनपी/डीएससी

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