
Patna, 14 अक्टूबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने वैशाली नाव हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उन बच्चों का हालचाल जाना, जिन्हें घटना के बाद रेस्क्यू किया गया था.
चिराग पासवान ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल होने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर काम करने के उद्देश्य से कैबिनेट की बैठक छोड़कर बिहार पहुंचे हैं. मीडिया से बातचीत में Union Minister चिराग पासवान ने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें Tuesday देर रात मिली थी. इसके बाद Prime Minister को भी इस विषय से अवगत कराया गया. Prime Minister ने घटना पर दुख जताते हुए अपनी संवेदना प्रकट की है.
उन्होंने कहा कि केंद्र Government और बिहार Government, दोनों की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है. उनकी कोशिश होगी कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजे और अन्य जरूरी सुविधाओं का लाभ मिले, ताकि इस कठिन समय में उन्हें दूसरी समस्याओं की चिंता नहीं करनी पड़े.
चिराग पासवान ने कहा कि इस वक्त सबसे जरूरी है कि पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हुआ जाए और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं हों, इसके लिए भी गंभीरता से प्रयास करने की जरूरत है. नाव हादसे को लेकर ग्रामीणों द्वारा पहले नाव की मांग किए जाने की जानकारी पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें जानकारी मिली है, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के बाद ही वह इस पर विस्तार से कुछ कह सकेंगे.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ग्रामीणों ने नाव की मांग की थी और इसके बावजूद उन्हें नाव उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है. ऐसी स्थिति में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. चिराग पासवान ने कहा कि यदि प्रशासन को नाव की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई थी और उसकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
उन्होंने संकेत दिया कि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की जरूरत होगी.
गौरतलब है कि वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और ग्रामीणों के बीच जर्जर नावों तथा सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
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एमएनपी/एसके