
बिश्केक/New Delhi, 1 सितंबर . बिश्केक में Tuesday को आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन पूरा होने के बाद Prime Minister Narendra Modi ने किर्गिस्तान से विदा ली. किर्गिस्तान का दौरा सफलतापूर्वक खत्म करने के पीएम मोदी New Delhi के लिए रवाना हुए.
Prime Minister Narendra Modi ने बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक को संबोधित किया.
Prime Minister ने अपने भाषण की शुरुआत किर्गिज गणराज्य के President सादिर झापारोव को उनके स्नेह और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद देकर की. उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ, एसीओ की ओर से विकसित बातचीत और सहयोग की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अगले 25 वर्षों के लिए रोडमैप तैयार करने का सही समय है.
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले शिखर सम्मेलन में India ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर के बारे में अपना नजरिया साझा किया था, और अब समूह को मिलकर काम करने के इन तीन स्तंभों पर ठोस नतीजे हासिल करने के लिए काम करना चाहिए.
पीएम मोदी ने India के इस रुख को दोहराया कि संघर्षों को युद्ध के मैदान में हल नहीं किया जा सकता और बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है. आतंकवाद को मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बताते हुए पीएम मोदी ने आतंकी इको सिस्टम को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई का आह्वान किया. उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ग्रुप की साझा तरक्की और खुशहाली के लिए मजबूत और भरोसेमंद कनेक्टिविटी पहल जरूरी हैं. India ऐसी कनेक्टिविटी कोशिशों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ती हैं, व्यापार को बढ़ाती हैं और विकास के नए मौके खोलती हैं. उन्होंने फिर कहा कि ऐसी कोशिशों में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.
इस आयोजन के दौरान पीएम मोदी ने अलग-अलग देशों से पहुंचे राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की. चीन के President शी जिनपिंग के साथ लाओस के President थोंगलोउन सिसोउलिथ और तजाकिस्तान के President इमोमाली रहमोन से मुलाकात की. अलग-अलग संपन्न हुई बैठकों में आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई.
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एवाई/पीएम