
हैदराबाद, 24 सितंबर . यदाद्री थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन रुकने के कारण तेलंगाना Government महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से जी-9 ग्रेड का कोयला खरीदेगी.
Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर ऊर्जा विभाग के अधिकारी महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से कोयला खरीदने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.
ऊर्जा मंत्री और उपChief Minister मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने Thursday को कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय कोयला खान विभाग से प्लांट के लिए जरूरी जी-9 ग्रेड के कोयले की सप्लाई के बारे में मंत्री किशन रेड्डी से चर्चा करेंगे.
उन्होंने कहा कि Chief Minister रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में ऊर्जा क्षेत्र की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दशहरा तक यदाद्री थर्मल पावर प्लांट में पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं.
उपChief Minister ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि पिछली India राष्ट्र समिति (बीआरएस) Government के गलत फैसलों के कारण, प्लांट को कोयला खदान से बहुत दूर बनाया गया, जिससे राज्य पर कोयला परिवहन का लगभग 40,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा.
उन्होंने कहा कि हमने सिंगरेनी में जी-9 ग्रेड के कोयले की अनुपलब्धता और अतीत में ई-नीलामी में भाग न लेने के कारण आ रही दिक्कतों की समीक्षा की. लोगों को लगातार अच्छी गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमने अधिकारियों को महानदी कोलफील्ड्स और कोल इंडिया से अस्थायी रूप से कोयला खरीदने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया.
Chief Minister रेड्डी ने उपChief Minister को निर्देश दिया कि वे राज्य में बिजली उत्पादन के लिए कोयले की कमी की समस्या को हल करने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी के साथ बैठक करें.
Chief Minister ने कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन रुकने के मामले को गंभीरता से लिया. बैठक के दौरान Chief Minister रेवंत रेड्डी ने राज्य में थर्मल पावर यूनिट्स को अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले की सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी.
अधिकारियों ने Chief Minister को बताया कि यदाद्री थर्मल पावर स्टेशन में बिजली उत्पादन के लिए जी-9 ग्रेड के कोयले की आवश्यकता है, लेकिन सिंगरेनी के पास जी-9 कोयले के उत्पादन के लिए कोयला ब्लॉक नहीं हैं और निकट भविष्य में भी सिंगरेनी से जी-9 कोयले के उत्पादन की कोई संभावना नहीं है.
Chief Minister ने यदाद्री थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण में एक ऐसी विशिष्ट तकनीक का उपयोग करने पर सवाल उठाए, जिसके लिए केवल जी-9 गुणवत्ता वाले कोयले की आवश्यकता थी, जो सिंगरेनी में उपलब्ध नहीं था. बैठक में यदाद्री थर्मल पावर स्टेशन को कोयला खदानों से दूर बनाने और कोयला सप्लाई के लॉजिस्टिक्स की वजह से राज्य पर पड़े अतिरिक्त आर्थिक बोझ की विस्तार से समीक्षा की गई.
Chief Minister और उपChief Minister ने सिंगरेनी से जी- ग्रेड का कोयला लेने की संभावनाओं के बारे में पूछा. अधिकारियों ने बताया कि सिंगरेनी जी-9 कोयला सप्लाई नहीं कर सकती क्योंकि पिछली Government ने कोयला ब्लॉक की नीलामी में हिस्सा नहीं लिया था. अधिकारियों ने Chief Minister को यह भी बताया कि सिंगरेनी में 14 कोयला ब्लॉक पहले ही बंद हो चुके हैं.
इस बीच बीआरएस की एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम Thursday को प्रमुख थर्मल पावर प्लांट और सिंगरेनी मुख्यालय का दौरा करेगी.
वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और विधायकों वाली यह टीम जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लेने के लिए तेलंगाना भर के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट और सिंगरेनी मुख्यालय का दौरा करेगी.
बीआरएस ने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के निर्देश पर की जा रही इस कवायद का मकसद बिजली क्षेत्र के मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट्स की प्रगति और राज्य Government के तहत किसी भी देरी या ऑपरेशनल मुद्दों से जुड़े तथ्यों का पता लगाना है.
बीआरएस की टीमें अधिकारियों के साथ प्लांट की प्रगति, बिजली उत्पादन क्षमता और कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करेंगी.
फील्ड विजिट के बाद, बीआरएस, केसीआर Government के दौरान बनाए गए प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और पार्टी के आरोपों के अनुसार इन प्रोजेक्ट्स के बारे में फैलाई गई गलत जानकारी का जवाब देने के लिए अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
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डीकेएम/वीसी