
रांची, 7 अक्टूबर . “बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं. आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं. मां….”, Chief Minister हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन के निधन के बाद इन शब्दों के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. मां को खोने का दर्द उनके इस छोटे से संदेश में साफ दिखाई दिया.
रूपी सोरेन का Wednesday को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया. वह करीब 80 वर्ष की थीं. रूपी सोरेन लंबे समय से बीमार थीं. पिछले कुछ समय से उनका इलाज हिल व्यू अस्पताल में चल रहा था.
Wednesday को उनकी तबीयत गंभीर होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा था. बाद में चिकित्सकों डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने उनके निधन की जानकारी दी. रूपी सोरेन के निधन ने Chief Minister हेमंत सोरेन और उनके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है. यह परिवार के लिए लगातार दूसरा बड़ा निजी आघात है.
करीब एक साल पहले 4 अगस्त 2025 को हेमंत सोरेन के पिता और Jharkhand आंदोलन के प्रमुख नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दिल्ली में निधन हुआ था. पिता के निधन के बाद रूपी सोरेन ही परिवार के लिए सबसे बड़ी भावनात्मक ताकत थीं.
रूपी सोरेन का विवाह एक जनवरी 1962 को शिबू सोरेन से हुआ था. विवाह के बाद वह लगातार उनके साथ रहीं और शिबू सोरेन के लंबे Political और सामाजिक संघर्षों में परिवार की जिम्मेदारियां संभालती रहीं.
शिबू सोरेन Jharkhand आंदोलन के प्रमुख नेताओं और Jharkhand मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में शामिल थे. वह Jharkhand के Chief Minister भी रहे. Jharkhand मुक्ति मोर्चा ने रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताते हुए कहा कि शिबू सोरेन के निधन के बाद भी वह उनके संघर्षों में सदैव साथ खड़ी रहीं.
पार्टी ने उनके निधन को Jharkhand समेत देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि एक मां का साया उठ जाना हेमंत सोरेन, उनके परिवार और पूरे Jharkhand के लिए बेहद पीड़ादायक है.
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एसएनसी/एएमटी