बाइक से लोकल ट्रेन, फिर कैब और ट्रेन; ऐसे मुंबई से कोटा पहुंचे टाइगर श्रॉफ फायरिंग कांड के आरोपी

Mumbai , 19 अक्टूबर . Bollywood Actor टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग करने के बाद फरार हुए आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बाइक, लोकल ट्रेन, कैब और लंबी दूरी की ट्रेन समेत कई माध्यमों का इस्तेमाल किया. Mumbai क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के भागने के पूरे रूट का खुलासा किया है.
Mumbai Police के अनुसार, फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी सबसे पहले बाइक से अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे. वहां से उन्होंने लोकल ट्रेन पकड़ी और बोरीवली रेलवे स्टेशन पहुंचे.
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि बोरीवली पहुंचने के बाद आरोपियों में से एक ने कैब बुक की, जिसके जरिए तीनों Mumbai से सूरत पहुंचे. शुरुआती योजना सूरत से राज्य परिवहन (एसटी) बस के जरिए आगे जाने की थी, लेकिन रास्ते को लेकर असमंजस की स्थिति बनने पर उन्होंने अपना प्लान बदल दिया.
अधिकारी के मुताबिक, जल्दबाजी में तीनों आरोपी सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से कोटा जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए. इस तरह आरोपियों ने फायरिंग के बाद लगातार अपने ठिकाने और यात्रा के साधन बदलते हुए Mumbai से कोटा तक का सफर तय किया.
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में Police ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसियां अब आरोपियों के नेटवर्क, उनकी मदद करने वालों और वारदात की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. इसी बीच Rajasthan के कोटा में आरोपियों को पकड़ने वाली Police टीम की Chief Minister भजनलाल शर्मा ने सराहना की है. Chief Minister ने कोटा Police अधीक्षक तेजस्विनी गौतम और उनकी टीम को फोन कर बधाई दी. इस पूरे ऑपरेशन में कोटा Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए Mumbai Police के इनपुट पर तीन आरोपियों को रेलवे स्टेशन से पकड़ा.
एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा कि यह Police के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था. कोटा Police और Mumbai Police ने जिस तत्परता और रिस्पॉन्स टाइम के साथ कार्रवाई की, वह सराहनीय है. उन्होंने बताया कि Chief Minister सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कोटा Police को बधाई दी है. एसपी ने कहा कि अच्छा काम करने वाले Policeकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी टीम के सम्मान का प्रस्ताव आईजी के माध्यम से Police मुख्यालय (पीएचक्यू) भेजा जाएगा. ऑपरेशन के दौरान गोपनीयता बरती गई, ताकि किसी भी स्तर पर जल्दबाजी में गलत कदम न उठे. टीम को स्पष्ट निर्देश थे कि आरोपियों को हर हाल में पकड़ना है.
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एएसएच/वीसी


