
Patna, 27 सितंबर . यूएन में आतंकवाद के खिलाफ India के आवाज उठाने, सीईसी के इस्तीफे की मांग और ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक सहित कई मामलों पर जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद की प्रतिक्रिया सामने आई है.
से बातचीत करते हुए विपक्ष की ओर से सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “जो जनता के बीच काम नहीं करते, जनता ने उन्हें हैसियत दिखाने का काम कर दिया है. ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की चिंता नहीं है. बंगाल में आरजी कर और संदेशखाली की जिस तरह से घटनाएं घटी, उससे बिल्कुल साफ था कि ममता बनर्जी की स्थिति गंभीर है. चुनाव आयोग की ओर से जब बिना डरे मतदान का अवसर दिया तो मतदाताओं ने ममता के फिर से सत्ता में बने रहने के आसार को समाप्त कर दिया.
राजीव रंजन ने आगे कहा, “जो राजनेता विरासत में सोने का चम्मच लेकर आते हैं, उनको लगता है कि सत्ता उनका अधिकार है. चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और निर्भीक मतदान कराया, जिसके बाद तेजस्वी यादव की पार्टी 25 विधायकों की बन गई है.” उन्होंने कहा, “राहुल गांधी तीसरी कोशिश के बाद भी अपनी पार्टी का शतक नहीं लगा पाए. नेताओं की उदासीनता की वजह से कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता खो रही है.”
Patna फायरिंग मामले और डीजीपी विनय कुमार के वीआरएस के सवाल पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “दोनों घटनाओं को जोड़ने का मतलब नहीं है. विनय कुमार का पूरी तरह से व्यक्तिगत निर्णय है और उनका लंबा अनुभव है. जहां तक ताजा मामले का सवाल है तो घटनाएं अगर हो रही हैं तो उसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में भी कोई अपराधी नहीं बचेगा. एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) बताता है कि Police की ओर से ज्यादातर मामलों में कार्रवाई की गई और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की गई.”
असदुद्दीन ओवैसी की ओर से एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाने जाने के सवाल पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है. एसआईआर पहले भी होते रहे हैं. Supreme Court की ओर से भी इस पर मुहर लगाई गई है.”
आतंकवाद के खिलाफ यूएन में India की ओर से आवाज उठाए जाने के सवाल पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक अभिशाप है. आतंकवाद के जख्म हिंदुस्तान ने बार-बार झेले हैं. इन तमाम आतंकी हमलों का केंद्र पड़ोसी देश Pakistan में है. जिस देश में हाफिज सईद जैसा आतंकी हो, Pakistan जैसे देश के खिलाफ हर संभव वे प्रतिबंध लगाने चाहिए, जिससे आतंकवाद के समर्थक राष्ट्र के रूप में उसका गला घुंट जाए.”
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एसडी/पीएम