फ्री हाउस-साइट योजना में पट्टे पर कब्जा, मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने थूथुकुडी कलेक्टर को किया तलब

मदुरै, 6 अक्टूबर . तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले स्थित कोविलपट्टी में मुफ्त घर-स्थल योजना के तहत जारी पट्टों की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच पहुंच गया है. अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए थूथुकुडी जिला कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है.

जस्टिस वेलमुरुगन और जस्टिस रामकृष्णन की बेंच ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. बेंच ने कहा, “इस योजना के तहत जमीन उन गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवंटित की जाती है जिनके पास घर बनाने के लिए घर या जमीन नहीं है. जमीन आवंटित करने से पहले क्या अधिकारियों को जमीन की मौजूदा स्थिति की जांच नहीं करनी चाहिए थी? अगर उन जमीनों के लिए पट्टे जारी किए जाते हैं, जिन पर कब्जा है, तो लाभार्थी वहां घर कैसे बना सकते हैं?”

यह पूरा मामला थूथुकुडी के इलुप्पैयुरानी के रहने वाले अंबुराज द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता ने बताया कि कोविलपट्टी में साल 2002 में पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों और विमुक्त समुदायों के 280 लोगों को मुफ्त घर-स्थल के पट्टे जारी किए गए थे.

कई लाभार्थियों ने लगभग 20 सालों तक जमीन पर घर नहीं बनाया, जिसके कारण उनके पट्टे रद्द कर दिए गए. इसके बाद जिला कलेक्टर ने 118 नए लाभार्थियों को पट्टे जारी किए. नियम के मुताबिक लाभार्थियों को आवंटित स्थल पर एक साल के भीतर घर बनाना जरूरी है. इसी के तहत 21 लाभार्थियों ने इस साल जनवरी में निर्माण शुरू करने की कोशिश की.

याचिका में आरोप लगाया गया कि कई लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है और वे लाभार्थियों को धमका रहे हैं और नए घर बनाने से रोक रहे हैं. जिला कलेक्टर और Police को शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर एक साल के भीतर घर नहीं बनाया गया तो नए लाभार्थियों के पट्टे भी रद्द हो जाएंगे, इसलिए Governmentी तौर पर आवंटित जमीन पर घर बनाने में बाधा बन रहे अवैध कब्जों को हटाने का निर्देश दिया जाए.

सुनवाई के दौरान Government की ओर से बताया गया कि कब्जे पहले ही हटा दिए गए हैं. इस पर जजों ने सवाल किया कि बिना जांच के पट्टे कैसे जारी किए जा सकते हैं. कोर्ट ने Government के जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगने के अनुरोध को ठुकरा दिया.

बेंच ने थूथुकुडी के जिला कलेक्टर को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने और मामले को समझाने का आदेश दिया. केस की अगली सुनवाई Monday को होगी.

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एससीएच/डीकेपी

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