
Mumbai , 29 नवंबर . India की जीडीपी ग्रोथ रेट के 8.2 प्रतिशत तक पहुंचने पर अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने कहा है कि इसकी उम्मीद थी, क्योंकि India की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. पिछले सात से आठ महीनों में आरबीआई की सभी मीटिंग्स में पॉजिटिव आउटलुक दिखा है, जिसमें रेपो रेट में कटौती भी शामिल है, जो आर्थिक सुधार का साफ संकेत है.
अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने से बातचीत में कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट 5.56 प्रतिशत था, जो इस बार बढ़कर 8.2 प्रतिशत तक पहुंचा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक दबावों और ट्रंप टैफिक के प्रेशर के बीच India इस तरह उभरकर आया है, जो यह बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर हो चुकी है.
अमेरिकी टैरिफ का जिक्र करते हुए पंकज जायसवाल ने कहा कि लोगों को आशंका थी कि टैरिफ के कारण निर्यात पर असर होगा और India से खरीद कम हो सकती है, लेकिन एडवांस ऑर्डर आने शुरू हुए, ताकि टैरिफ का असर न हो. इससे प्रोडक्शन और निर्यात बढ़ा. इस तरह कंपनियों ने निर्यात करके पहले ही माल को खपा दिया. यह भी जीडीपी में जुड़ा है.
पंकज जायसवाल ने फ्रंट लोडिंग निर्यात को भी एक वजह माना है, जिसने मैन्युफैक्चरिंग को काफी बढ़ाया. उन्होंने कहा कि डीजीपी ग्रोथ रेट में मैन्युफैक्चरिंग का ग्रोथ रेट 9.1 प्रतिशत है. सेवा क्षेत्र में गैर-आईटी क्षेत्र (फाइनेंशियल, रीयल स्टेट) का भी ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत से अधिक है.
उन्होंने जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ने की एक वजह GST को भी बताया. पंकज जायसवाल ने कहा, “Prime Minister मोदी ने पहले ही बोल दिया था कि GST घटाने का असर तीसरी तिमाही में दिखेगा. फैक्ट्रियों का प्रोडक्शन बढ़ा हुआ था. इसी बीच त्योहारों का सीजन आया. इससे सारे दुकानदारों के पास सितंबर के आखिरी तक माल पहुंचना था. इस तरह फ्रंट लोडिंग डोमेस्टिक मार्केट में भी हुआ.
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डीसीएच/वीसी