
गांधीनगर, 8 अक्टूबर . Gujarat Government ने प्री-पीटीसी (डीईसीईडी) कॉलेजों में एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र सीमा 24 साल से बढ़ाकर 30 साल कर दी है और प्रति क्लास सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 62 कर दी है. साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और दिव्यांगों के लिए आरक्षण भी लागू किया गया है.
प्री-पीटीसी (प्राइमरी टीचर सर्टिफिकेट) कॉलेजों (जिन्हें बाल अध्यापन मंदिर भी कहा जाता है) के लिए घोषित ये सुधार प्री-प्राइमरी एजुकेशन में टीचर्स की ट्रेनिंग तक ज्यादा लोगों की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि ये बदलाव Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में घोषित किए गए हैं, जिसमें शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा और शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा शिक्षा विभाग का काम देख रहे हैं.
नए नियमों के तहत अब हर क्लास में पहले की 50 सीटों की जगह 62 सीटें होंगी, यानी 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इनमें से 17 सीटें सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के लिए 27 फीसदी कोटे के तहत, 4 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 7 फीसदी कोटे के तहत और 9 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 15 फीसदी कोटे के तहत आरक्षित होंगी.
ओपन कैटेगरी के लिए 26 सीटें होंगी जबकि ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 10 फीसदी कोटे के तहत 6 सीटें आरक्षित रहेंगी. नए नियमों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 32 के अनुसार दिव्यांगों के लिए 5 फीसदी आरक्षण का भी प्रावधान है.
दिव्यांग कोटा निर्धारित दिव्यांगता श्रेणियों में बांटा जाएगा. दिव्यांग उम्मीदवारों का चयन मेरिट और उनकी पसंद के आधार पर किया जाएगा बशर्ते उनकी दिव्यांगता उन्हें टीचिंग प्रोफेशन से जुड़े कर्तव्यों को निभाने से न रोकती हो.
एडमिशन चाहने वाले उम्मीदवारों को 12वीं कक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक लाना जरूरी होगा. यह पात्रता Gujarat सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के साथ-साथ Gujarat और अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त बोर्डों, जिनमें सीबीएसई और आईसीएसई भी शामिल हैं, से 12वीं पास करने वाले छात्रों पर भी लागू होगी.
एससी, एसटी, एसईबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के साथ-साथ दिव्यांगों को न्यूनतम अंक की आवश्यकता में 5 फीसदी की छूट मिलेगी. Government ने अधिकतम आयु सीमा भी 24 से बढ़ाकर 30 साल कर दी है. संबंधित शैक्षणिक वर्ष के 1 जुलाई को उम्मीदवार की उम्र 30 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
एससी, एसटी, एसईबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों और दिव्यांगों को अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त 5 साल की छूट मिलेगी. नए नियमों में शिक्षा के माध्यम के चुनाव में भी ज्यादा लचीलापन दिया गया है.
उम्मीदवार उस संस्थान में एडमिशन ले सकते हैं जो उस माध्यम में पढ़ाता है जिसमें उन्होंने 10वीं या 12वीं में पढ़ाई की हो. अगर किसी विशेष माध्यम में सीटें खाली रह जाती हैं, तो 10वीं और 12वीं में दूसरी भाषा पढ़ने वाले उम्मीदवार भी अपनी पसंद के अनुसार दूसरे माध्यम में एडमिशन ले सकते हैं.
राज्य Government ने कहा कि इन बदलावों से प्री-प्राइमरी एजुकेशन के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए एडमिशन के मौके बढ़ेंगे और इस सेक्टर के लिए प्रशिक्षित लोगों की संख्या भी बढ़ेगी.
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वीकेयू/पीएम