
New Delhi, 17 सितंबर . बीएड करके प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स शुरू किया गया है. ब्रिज कोर्स के पाठ्यक्रम में शैक्षणिक अध्ययन के अलावा कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन क्लास और कम से कम 20 दिन का विद्यालय आधारित अनुभव शामिल रहेगा. इस कोर्स का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों लिए जरूरी कौशल को बेहतर करना है.
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह ब्रिज कोर्स खास तौर पर उन सेवाकालीन प्राथमिक शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया था. साथ ही उनके पास बीएड की डिग्री है, लेकिन डीएलएड की योग्यता नहीं है. ऐसे शिक्षकों की नियुक्तियां राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की 28 जून 2018 की राजपत्र अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं.
दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 के अपने फैसले में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का निर्देश दिया था. यह मामला दीवेश शर्मा बनाम India संघ एवं अन्य से जुड़ा था. इसके बाद परिषद ने संबंधित शिक्षकों के लिए इस पाठ्यक्रम को तैयार किया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राथमिक शिक्षक शिक्षा में छह महीने का यह सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स लांच किया है. ब्रिज कोर्स में छह सैद्धांतिक पाठ्यक्रमों के साथ विद्यालय आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा. इसमें अभ्यास शिक्षण, चिंतनपरक डायरी और पोर्टफोलियो जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी. इसका उद्देश्य शिक्षकों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय उसे कक्षा में लागू करने का अनुभव देना है. पाठ्यक्रम के जरिए शिक्षकों को छोटे बच्चों की अलग-अलग सीखने की जरूरतों को समझने और उनके अनुसार पढ़ाने के लिए तैयार किया जाएगा.
इसमें शिक्षण कौशल, दृष्टिकोण और अपने शिक्षण कार्य पर विचार करने की क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा. पाठ्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं में सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षकों को सक्षम बनाने पर केंद्रित है. इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से होगी. पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन कार्यक्रम, विद्यालय आधारित प्रशिक्षण, वीडियो ट्यूटोरियल, ई-लर्निंग सामग्री और डिजिटल मंचों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे नौकरी के साथ शिक्षक अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे. पाठ्यक्रम की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी.
हालांकि, सार्वजनिक परीक्षा के सैद्धांतिक पेपर में शिक्षक संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में उत्तर लिख सकेंगे. इसमें प्रवेश की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. पात्र शिक्षक एनआईओएस के आधिकारिक ब्रिज कोर्स पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे. उन्हें जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित डैशबोर्ड के जरिए अपने प्रवेश की स्थिति भी देख सकेंगे.
पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाएगी. शिक्षकों को ऑडियो, वीडियो और अन्य इंटरैक्टिव सामग्री जैसी अतिरिक्त शैक्षणिक सुविधाएं भी ऑनलाइन मिलेंगी. इस तरह ब्रिज कोर्स में पढ़ाई के साथ कक्षा में उसके व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी खास जोर दिया गया है.
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जीसीबी/एसके