प्रदीप भंडारी का राहुल गांधी से सवाल, 1980 में सोनिया गांधी देश की नागरिक नहीं थीं तो वोट कैसे डाला

New Delhi, 22 सितंबर . भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर 1980 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोट डालने का गंभीर आरोप लगाया है. भंडारी ने सवाल उठाया कि जब 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, तो उन्होंने वोट कैसे डाला? उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि वे जेब में संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं, तो क्या इस मामले पर जवाब देंगे कि उनकी Government के समय लोकतंत्र की चोरी कैसे हुई?

New Delhi में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि हम आपके सामने जो मुद्दा रखने जा रहे हैं, वह देश के लोकतंत्र और उसकी पवित्रता से जुड़ा हुआ है. अगर आपने भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 पढ़ा है, तो उसमें लिखा है कि India का नागरिक और 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति मतदान के लिए पात्र होता है. इसका मतलब है कि India में वोट देने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है. यही बात जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 में भी कही गई है कि यदि कोई व्यक्ति India का नागरिक नहीं है, तो वह मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अयोग्य होगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी 1980 में India की नागरिक नहीं थी. इस संबंध में अदालत में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें सवाल उठाया गया कि जब 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थी, तो उन्हें उस समय वोट देने की अनुमति कैसे मिली? क्या उनके नाम को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था.

भंडारी ने कहा कि उस समय कांग्रेस की Government थी. जब यह मामला अदालत में पहुंचा तो दिल्ली की सेशन कोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत को मामले की जांच करने का निर्देश दिया. अदालत को यह पता लगाना है कि क्या इस मामले में कोई संज्ञेय अपराध हुआ है और क्या कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल कराया गया था.

भाजपा नेता ने कहा कि वोट चोरी करने वाले लोकतंत्र की चोरी कर रहे थे. एक तरफ कांग्रेस लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती है, वहीं दूसरी तरफ उसके सामने खुद से जुड़े ऐसे आरोपों पर जवाब नहीं देती. इससे बड़ा लोकतंत्र से जुड़ा सवाल क्या हो सकता है. एक तरफ पार्टी एसआईआर के विरोध के नाम पर घुसपैठियों के समर्थन करती है, दूसरी तरफ खुद से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के मामले पर मौन है.

भंडारी ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले पर जवाब देना चाहिए कि सोनिया गांधी ने 1980 में किस आधार पर वोट डाला था. यह कोई अकेला मामला नहीं है और गांधी परिवार से जुड़े चुनावी मामलों पर भी सवाल उठते रहे हैं. भंडारी ने 1991 के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने वोट डाला था और उनकी फोटो भी सामने आई थी. क्या संविधान उनके लिए अलग-अलग नियमों वाला दस्तावेज है.

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की. वोट चोरी की बात करने वालों को पहले अपने ऊपर लगे सवालों का जवाब देना चाहिए.

भंडारी ने इन आरोपों के बीच कुछ सवाल भी पूछे, क्या कांग्रेस और गांधी-वाड्रा परिवार ने सोनिया गांधी को वोट देने के लिए नकली डॉक्यूमेंट्स बनाए? क्योंकि अगर कोई नकली डॉक्यूमेंट्स बनाता है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 337 के तहत 7 साल तक की सजा हो सकती है और यह एक संज्ञेय अपराध है.

डीकेएम/वीसी

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