
सोल, 21 सितंबर . उत्तर कोरिया की ओर से दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ अधिकारियों ने Monday को फोन पर बातचीत की. तीनों देशों ने मिसाइल प्रक्षेपण से जुड़ी सूचनाएं साझा किए और आगे की स्थिति पर समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई.
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बाक योंग-जिन ने अमेरिका के पूर्वोत्तर एशिया मामलों के उप सहायक सचिव डेविड वाइलजोल और जापान के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ताकाशी अरियोशी से बातचीत की.
उत्तर कोरिया ने Sunday को कुछ घंटों के अंतराल पर वॉनसान इलाके से दो मिसाइलें ईस्ट सी की ओर दागी थीं. दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अनुसार, पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर और दूसरी ने 600 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की.
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक, यह इस साल उत्तर कोरिया का 14वां बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण है. इससे पहले 12 सितंबर को भी प्योंगयांग ने इसी इलाके से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं.
ताजा प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व में सैन्य गतिविधियां जारी हैं. अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े के नेतृत्व में ‘पैसिफिक वैनगार्ड’ अभ्यास चल रहा है. उत्तर कोरिया के मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, “ऐसे सैन्य अभ्यासों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इसका विरोध करता है.”
मिसाइल प्रक्षेपण से दो दिन पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने इस सैन्य अभ्यास की आलोचना की थी और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा, “तीनों देशों के अधिकारी उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण की स्थिति में सूचनाओं और आकलनों को तेजी से साझा करने के लिए संपर्क व्यवस्था बनाए हुए हैं. सोल ने प्योंगयांग से बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियां रोकने का आग्रह करते हुए कहा है कि ऐसे प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं.”
दक्षिण कोरिया ने Sunday के प्रक्षेपण के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय की आपात बैठक भी बुलाई. इसमें रक्षा मंत्रालय और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अधिकारियों ने स्थिति और संभावित सुरक्षा प्रभावों की समीक्षा की.
यह प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र और अमेरिका-चीन शिखर बैठक से पहले हुआ है. ऐसे समय में प्योंगयांग की सैन्य गतिविधि ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है.
इस बीच, अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ बातचीत फिर शुरू करने की इच्छा जता चुके हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों के बीच संभावित कूटनीतिक संपर्क की राह चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
Sunday को दागी गई मिसाइलों को लेकर उत्तर कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए ने कोई खबर नहीं प्रकाशित की है.
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केआर/