
पेरिस, 27 सितंबर . पोप लियो XIV इन दिनों फ्रांस की यात्रा पर हैं. Saturday को फ्रांस की राजधानी पेरिस में करीब 7 लाख लोगों की मौजूदगी में उन्होंने खुले में प्रार्थना सभा की.
वेटिकन के अनुसार, प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन में अनुमान से कहीं अधिक लोग पहुंचे. करीब 6 लाख लोगों ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया था.
पोप लियो XIV ‘पॉपमोबाइल’ से पेरिस की प्रसिद्ध एवेन्यू डेस शांज-एलीजे से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे. रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने झंडे लहराकर उनका स्वागत किया. करीब 1.9 किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा. इसके बाद पोप ने प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में खुले में आयोजित प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया.
यह पोप लियो XIV की फ्रांस की चार दिवसीय यात्रा का प्रमुख कार्यक्रम था. उनकी यह यात्रा 25 सितंबर से शुरू हुई है और लगभग दो दशक बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा है. पेरिस के बाद पोप Saturday शाम लूर्द पहुंचे, जहां Sunday को उनका कार्यक्रम निर्धारित है.
पेरिस में पोप की यात्रा के दौरान Friday को भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर पहुंचे थे. उनके पॉपमोबाइल से गुजरने के दौरान करीब 3 लाख लोगों के मौजूद रहने का अनुमान लगाया गया था. पोप ने इस दौरान नोट्रे-डाम कैथेड्रल में भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
फ्रांस की यात्रा के दौरान पोप लियो ने मानव गरिमा और आधुनिक तकनीक से जुड़े मुद्दों पर भी बात की है. उन्होंने एआई को लेकर चेतावनी दी. कहा, “मशीनों की दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इंसान को अपनी मानवता नहीं खोनी चाहिए.” इससे पहले वह एआई के विकास में मानवीय गरिमा और शांति को केंद्र में रखने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं.
पोप की फ्रांस यात्रा ऐसे समय हो रही है जब देश में कैथोलिक चर्च की भूमिका और प्रभाव को लेकर व्यापक सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं. उनकी यात्रा में चर्च से जुड़े यौन शोषण के मामलों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है. Sunday को लूर्द में पोप की सात ऐसे लोगों से मुलाकात प्रस्तावित है, जिन्होंने पादरियों या चर्च से जुड़े लोगों द्वारा यौन शोषण का सामना किया है.
पोप लियो XIV की फ्रांस यात्रा 28 सितंबर को मेट्ज में समाप्त होगी. पेरिस के बाद लूर्द और फिर मेट्ज में उनके धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित हैं.
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केआर/