
पुणे, 3 अक्टूबर . पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लोहेगांव) पर बैंकॉक से आ रही एक महिला यात्री से लगभग 1 करोड़ रुपए कीमत का 1.243 किलोग्राम संदिग्ध भांग का अर्क (हशीश) जब्त किया गया.
यह यात्री 1 अक्टूबर की शाम को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-241 से आया था. पुणे कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की पुणे रीजनल यूनिट के अधिकारियों ने उसके व्यवहार और संदिग्ध चेक-इन सामान की स्क्रीनिंग के बाद उसे रोका.
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के नियमों के तहत की गई विस्तृत तलाशी के दौरान, अधिकारियों को तीन ब्रांडेड कॉस्मेटिक जार के अंदर छिपा हुआ संदिग्ध नशीला पदार्थ मिला.
दो जार पर ‘राइस एंड योक हेयर ट्रीटमेंट’ का लेबल लगा था, जबकि तीसरे पर ‘बॉडी स्क्रब’ लिखा था. अधिकारियों को कंटेनरों के अंदर तेज गंध वाला मोम जैसा, आधा ठोस पदार्थ मिला.
अधिकारियों ने बताया कि नारकोटिक ड्रग फील्ड टेस्टिंग किट से किए गए शुरुआती टेस्ट में कैनबिस (गांजा) होने की पुष्टि हुई.
एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत कुल 1.243 किलोग्राम संदिग्ध कैनबिस एक्सट्रैक्ट जब्त किया गया. यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया और इस प्रतिबंधित सामान के स्रोत और मंजिल का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.
इससे पहले 4 सितंबर को हुई एक घटना में Lucknow के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक यात्री को एफआरआरओ अधिकारी ने हिरासत में लिया था, क्योंकि इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान उसकी यात्रा के तरीके पर शक हुआ था.
इसके बाद, कस्टम्स एआईयू अधिकारियों ने उसके सामान से 1.677 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (एक तरह का गांजा) बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए थी.
यात्री की पहचान Lucknow के मलिहाबाद के रहने वाले अनवर अली के तौर पर हुई, जो मस्कट से फ्लाइट डब्ल्यूवाई-265 से आया था. एफआरआरओ के अनुसार, एडवांस पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के डेटा के प्री-अराइवल एनालिसिस से पता चला कि अली ने Lucknow आने से पहले बैंकॉक से ओमान की यात्रा की थी.
इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान, एफआरआरओ अधिकारी ने अली को उसकी यात्रा के तरीके और हाल ही में बैंकॉक से आने के कारण विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. अली ने शुरू में अधिकारी को बताया कि वह बिजनेस के मकसद से बैंकॉक गया था.
पूछताछ के दौरान, अधिकारी को शक हुआ कि अली के पास प्रतिबंधित सामान हो सकता है और उन्होंने उसे आगे की पूछताछ के लिए एआईयू अधिकारियों को सौंप दिया.
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एससीएच/एबीएम