पीपीपी मॉडल को दे रही बढ़ावा दिल्ली सरकार, फ्लाईओवर के नीचे की जगहों को सुंदर बनाने पर जोर

New Delhi, 31 अगस्त . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Monday को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए शहरी सार्वजनिक जगहों, खासकर फ्लाईओवर के नीचे की जगहों को बदलने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया का नेतृत्व किया.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली Government के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दो कंपनियों के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए.

इस साझेदारी का मकसद फ्लाईओवर के नीचे और आसपास की उपेक्षित या कम इस्तेमाल होने वाली जगहों को नागरिकों के लिए साफ-सुथरी, हरी-भरी, सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक जगहों में बदलना है.

Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि एक साफ-सुथरी, हरी-भरी और सुंदर दिल्ली बनाना Government, समाज और निजी क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली Government पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (सार्वजनिक-निजी साझेदारी) को बढ़ावा दे रही है, जिसके जरिए शहर की उपेक्षित जगहों को नागरिकों के लिए बेहतर, सुरक्षित, आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक जगहों में बदला जा सकता है.

उन्होंने कहा कि यह पहल एक साथ सफाई, हरियाली, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, पैदल चलने वालों की आवाजाही और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करेगी.

बयान में कहा गया है कि इस मौके पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.

डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन की एक पहल के तहत दीपावली से मंगोलपुरी मार्केट तक फ्लाईओवर के नीचे 2.5 किलोमीटर के हिस्से में मौजूद उपेक्षित जगहों को साफ-सुथरी, हरी-भरी और सुरक्षित सामुदायिक जगहों के तौर पर विकसित किया जाएगा.

इस प्रोजेक्ट में फ्लाईओवर के नीचे 2.5 किलोमीटर के हिस्से में फेंसिंग (घेराबंदी) करना भी शामिल होगा. बयान के अनुसार, फ्लाईओवर के 61 खंभों पर, जो लगभग 5,100 वर्ग मीटर के इलाके में फैले हैं, पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के विषयों पर आधारित पर्यावरण-अनुकूल भित्ति चित्र (म्यूरल पेंटिंग) और कलाकृतियां बनाई जाएंगी.

इसमें कहा गया है कि स्थानीय पौधों की प्रजातियों, घास, झाड़ियों और फूलों वाले पौधों का इस्तेमाल करके व्यवस्थित हरियाली विकसित की जाएगी.

सीएसआर पहल के तहत कनोडिया ग्रुप मथुरा रोड और एमपी रोड के किनारे लगभग दो एकड़ ग्रीन बेल्ट (हरित क्षेत्र) के विकास और लंबे समय तक रखरखाव का काम करेगा.

बयान में कहा गया है कि अभी कचरा फेंकने, अनधिकृत झुग्गियों, सड़क किनारे अतिक्रमण और इन इलाकों के अव्यवस्थित इस्तेमाल जैसी समस्याएं आसपास के इलाके की हरियाली, सफाई, सुरक्षा और समग्र स्वरूप को प्रभावित कर रही हैं.

एससीएच/डीकेपी

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