पीएम मोदी कुछ देर में करेंगे प्रगति बैठक की अध्यक्षता, योजनाओं और परियोजनाओं की होगी समीक्षा

New Delhi, 30 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi Wednesday शाम 6 बजे प्रगति बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बैठक में केंद्र Government के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इस बार बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की जानकारी है.

बैठक में महत्वपूर्ण Governmentी योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा सकती है. इसके अलावा परियोजनाओं में आ रही प्रशासनिक अड़चनों और केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है.

प्रगति यानी सक्रिय शासन और समय पर कार्यान्वयन Government का तकनीक आधारित बहु-आयामी मंच है, जिसके जरिए Prime Minister केंद्र और राज्य Governmentों से जुड़े महत्वपूर्ण परियोजनाओं, योजनाओं और लंबित मुद्दों की सीधे समीक्षा करते हैं. इसका उद्देश्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना, बाधाओं का समाधान करना और समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराना है.

प्रगति के तहत Prime Minister की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में केंद्र Government के सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ महत्वपूर्ण परियोजनाओं और योजनाओं की समीक्षा की जाती है. जटिल और महत्वपूर्ण मामलों को मंत्रालय स्तर से आगे बढ़ाकर प्रगति बैठक में समीक्षा के लिए लाया जाता है, ताकि अंतर-मंत्रालयी या केंद्र-राज्य स्तर की समस्याओं का समाधान किया जा सके.

वहीं, बैठक से पहले Prime Minister Narendra Modi ने एक्स पर एक संस्कृत श्लोक शेयर किया. उन्होंने लिखा कि जो व्यक्ति अपने कर्तव्य में समर्पित रहता है, वह सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करता है. Prime Minister ने शेयर किया, “स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः. स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु॥”

इस सुभाषित का भावार्थ है कि मनुष्य अपने निर्धारित कर्तव्य में लगे रहकर सिद्धि प्राप्त करता है. Prime Minister ने कहा कि जो लोग अपने कर्तव्यों को लगन और निष्ठा के साथ निभाते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि समर्पित कर्म के माध्यम से सर्वोच्च संतुष्टि और सिद्धि कैसे प्राप्त की जा सकती है.

आज होने वाली प्रगति बैठक को इसी व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है, जिसमें Government की महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा तथा उनके समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़ी अड़चनों के समाधान पर जोर रहता है.

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डीएससी

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