
New Delhi, 29 अगस्त . किर्गिस्तान के इन्वेस्टमेंट (निवेश) मिनिस्टर रवशानबेक सबिरोव ने Saturday को कहा कि किर्गिस्तान को उम्मीद है कि India के Prime Minister Narendra Modi की यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों, निवेश और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. देश इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और एग्रो-इंडस्ट्री जैसे सेक्टर में और ज्यादा भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने का इच्छुक है.
साबिरोव ने पीएम मोदी की यात्रा को किर्गिस्तान के लिए एक बहुत अहम बताया और कहा कि इस ऐतिहासिक यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस यात्रा से किर्गिस्तान और India के बीच निवेश की संभावनाओं और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी. 2024 में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार लगभग 91 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था.”
किर्गिस्तान अभी India को शहद, सूखे मेवे, बीन्स और सोना जैसे उत्पाद निर्यात करता है, जबकि काजू और खाने-पीने की दूसरी चीजों सहित भारतीय उत्पाद किर्गिस्तान के बाजार में उपलब्ध हैं.
साबिरोव ने कहा कि किर्गिस्तान के India के साथ पारंपरिक रूप से अच्छे संबंध रहे हैं, जिनमें मजबूत सांस्कृतिक रिश्ते भी शामिल हैं. उन्होंने याद दिलाया कि सोवियत दौर में बहुत से किर्गिज लोग भारतीय फिल्में देखते हुए बड़े हुए और वे भारतीय Actorओं और संस्कृति से अच्छी तरह वाकिफ हैं.
उन्होंने कहा, “India के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं. किर्गिस्तान Prime Minister मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करेगा.”
मंत्री ने कहा कि किर्गिस्तान बिजनेस फोरम, सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए India के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और साथ ही सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध भी मजबूत करना चाहता है.
उन्होंने कहा कि President सादिर जापारोव निवेश को बहुत अहमियत देते हैं. किर्गिस्तान अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने और रोजगार पैदा करने के लिए इसे जरूरी मानता है.
साबिरोव ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की काफी गुंजाइश है, खासकर इसलिए क्योंकि कई भारतीय छात्र पहले से ही मेडिकल की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान जाते हैं. उन्होंने पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और औद्योगिक सहयोग को भी ऐसे क्षेत्रों के तौर पर बताया जिनमें काफी संभावनाएं हैं.
भारतीय निवेश को आकर्षित करने के बारे में सबिरोव ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा से किर्गिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा और भारतीय कंपनियों को देश में निवेश के मौकों को दिखाने का मौका मिलेगा.
उन्होंने कहा कि किर्गिस्तान में निवेश, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और वेंचर फाइनेंसिंग से जुड़े कानून हैं, जो विदेशी निवेशकों के लिए एक ढांचा तैयार करते हैं. यह देश खास तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोपावर, छोटे हाइड्रोपावर प्लांट, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म और एग्रो-इंडस्ट्रियल सेक्टर में भारतीय कंपनियों को आकर्षित करने का इच्छुक है.
सबिरोव ने कहा, “हम निवेशकों के साथ रहेंगे, मदद करेंगे और लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे. Government हर चरण में जॉइंट इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स का समर्थन करेगी.”
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ओपी/एएस