
New Delhi, 24 अगस्त . केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने Monday को कहा कि Prime Minister सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) योजना के जरिए Government युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है. इसमें उनके उत्पादों की पहुंच को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाने के लिए सपोर्ट दिया जाता है.
पीएमएफएमई सम्मेलन के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए पासवान ने कहा कि इस योजना के तहत पैकेजिंग और टेक्निकल दोनों तरह के सपोर्ट प्रदान किए जाते हैं. इसमें एपिडा और ओएनडीसी की भी मदद ली जा रही है.
हमने इस योजना में दो लाख लाभार्थी तैयार करने का लक्ष्य रखा था और कुछ हफ्ते पहले ही इस आंकड़े को पार किया है.
उन्होंने आगे कहा कि यह योजना Prime Minister Narendra Modi के उस दृष्टिकोण को पूरा करती है जिसमें India के युवाओं को केवल नौकरी चाहने वालों से आगे बढ़कर नौकरी देने वाले और रोजगार सृजित करने वाले बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. Prime Minister ने कई मंचों पर इस बारे में बात की है.
इसके अतिरिक्त पासवान ने कहा कि मखाना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि मैं बिहार राज्य से आता हूं, जहां देश के अधिकांश मखाने का उत्पादन होता है. पिछले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मखाना बोर्ड का गठन करने का फैसला ऐतिहासिक था और इससे बड़ी संख्या में मखाना उत्पादक और इससे जुड़े लोग औपचारिक क्षेत्र का हिस्सा बन पाएंगे.
मखाना बोर्ड India में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण संस्थागत प्रयास है. इसका मुख्य उद्देश्य मखाना किसानों को बेहतर तकनीक, प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराना है. मखाना उत्पादन में बिहार का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए बोर्ड से किसानों और मखाना उद्योग को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
इसके माध्यम से मखाने की गुणवत्ता सुधारने, मूल्यवर्धन और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है. साथ ही, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय मखाने की मांग बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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एबीएस