पाली नगर निगम: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गढ़ में कांग्रेस का परचम, बोर्ड गठन में निर्दलीय होंगे किंगमेकर

jaipur, 14 सितंबर . कांग्रेस ने Rajasthan के पाली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका दिया है और पार्टी के पारंपरिक गढ़ को कड़े मुकाबले वाले Political अखाड़े में बदल दिया है.

पाली, Rajasthan भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला है. वे कई बार पार्टी के पाली जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और सुमेरपुर से दो बार विधायक भी रहे हैं.

भाजपा के लिए एक बड़ा झटका यह है कि कांग्रेस न केवल 65 सदस्यों वाली नगर पालिका में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, बल्कि उसने राठौड़ के अपने वार्ड में भी भाजपा को हरा दिया.

कांग्रेस ने 65 में से 29 वार्ड जीते, जबकि भाजपा को 21 सीटें मिलीं. 15 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीते, हालांकि कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत के लिए जरूरी 33 सीटें नहीं मिल सकीं, लेकिन वह भाजपा से आठ सीटें आगे रही.

यह नतीजा भाजपा के लिए एक बड़ा Political झटका है, जिसका पिछले 10 साल से पाली की स्थानीय निकाय पर कब्जा था.

कांग्रेस की जीत इसलिए भी अहम है, क्योंकि पाली का मदन राठौड़ से गहरा नाता है. राठौड़ कई बार पाली में भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और इस क्षेत्र में पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं.

उनके अपने वार्ड में हार से कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का अंदाजा लगाया जा सकता है, हालांकि सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद कांग्रेस अकेले नगर पालिका बोर्ड नहीं बना सकती.

15 निर्दलीय पार्षदों के पास निर्णायक भूमिका होने के कारण कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने और मेयर पद पर दावा करने के लिए उनका समर्थन हासिल करना होगा.

वहीं, भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर सकती है, ताकि कांग्रेस को नगर निकाय पर कब्जा करने से रोका जा सके. इसलिए आने वाले दिनों में जबरदस्त Political बातचीत देखने को मिल सकती है, जिसमें पाली में निर्दलीय पार्षद ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं.

पाली उपचुनाव के नतीजों को Rajasthan स्थानीय निकाय चुनावों के सबसे अहम नतीजों में से एक माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि कांग्रेस ने उस इलाके में बड़ी बढ़त हासिल की है जो बीजेपी की राज्य इकाई के नेतृत्व से गहराई से जुड़ा हुआ है.

एससीएच/वीसी

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