पाकिस्तान में सड़कें बंद होने से कारोबार प्रभावित, दिहाड़ी मजदूरों का काम छूटा

इस्लामाबाद, 28 सितंबर . Pakistan में ‘लॉन्ग मार्च’ और धरना-प्रदर्शन की आशंका के बीच अधिकारियों की ओर से सड़कें बंद किए जाने के बाद होटल, मोटल, सराय, मैरिज हॉल, प्राइवेट हॉस्टल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले कई दिहाड़ी मजदूरों को काम से हटा दिया गया है.

Pakistanी अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, सड़कें बंद होने के कारण ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई के टर्मिनल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और होटल से जुड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं. इसकी वजह से रोजाना की मजदूरी पर काम करने वाले हेल्पर, बर्तन धोने वाले कर्मचारी, वेटर, सफाईकर्मी और सैनिटेशन वर्कर्स को काम से हटाया गया है.

सेंट्रल ट्रेडर्स एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट फेडरेशन और माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों ने Government और विपक्ष से बातचीत के जरिए तनाव खत्म करने की अपील की है.

ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के पैट्रन-इन-चीफ हाजी जहूर अराइन ने कहा कि टर्मिनल बंद होने की वजह से ट्रांसपोर्टरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बल प्रयोग और लॉन्ग मार्च, दोनों से अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और विकास का काम रुक सकता है. उन्होंने Government से सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की अपील की.

अराइन ने कहा कि Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का मार्च कुछ समय के लिए टलने से बातचीत का रास्ता खुला है और अधिकारियों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए. उन्होंने कहा, “जुड़वां शहरों (इस्लामाबाद और रावलपिंडी) को कंटेनरों का शहर बना दिया गया है. सड़कें खोलिए और कारोबार फिर से शुरू होने दीजिए.”

पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च करने की योजना बनाई थी. इसे देखते हुए Pakistanी अधिकारियों ने इस्लामाबाद की ओर जाने वाले कई प्रमुख हाईवे और मोटरवे को अलग-अलग जगहों पर बंद कर दिया या उन पर आवाजाही सीमित कर दी है.

Government के इस फैसले की वजह से एक प्रांत से दूसरे प्रांत और एक शहर से दूसरे शहर तक यात्रियों तथा सामान की आवाजाही प्रभावित हुई. इस्लामाबाद और उसके आसपास के इलाकों को जोड़ने वाले कई अहम रास्तों पर भी असर पड़ा.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, अधिकारियों ने सड़कें बंद करने और पाबंदियां लगाने की वजह ‘कानून-व्यवस्था की स्थिति’ बताई.

इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा के Chief Minister सोहेल अफरीदी ने 25 सितंबर को घोषणा की थी कि पीटीआई ने 27 सितंबर को होने वाला इस्लामाबाद मार्च टालकर 4 अक्टूबर कर दिया है. उन्होंने पीटीआई की Political समिति की बैठक के बाद यह घोषणा की.

Pakistanी अखबार डॉन के मुताबिक, पीटीआई ने पार्टी के संस्थापक और पूर्व Prime Minister इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है. इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं.

अफरीदी ने कहा, “Political समिति की बैठक में सभी मामलों पर चर्चा हुई और सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च 4 अक्टूबर को पेशावर से शुरू होगा.”

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. उनकी पार्टी का कहना है कि जिन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है, वे Political वजहों से बनाए गए हैं. 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए Prime Minister पद से हटने के बाद से इमरान खान के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए. इनमें Governmentी तोहफों से जुड़ा मामला और गैरकानूनी शादी से जुड़ा मामला भी शामिल है.

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एवाई/पीएम

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