पाकिस्तान का भूजल संकट बदइंतजामी और नीतिगत विफलताओं का नतीजा: रिपोर्ट

इस्लामाबाद, 18 सितंबर . Pakistan में गहराता भूजल संकट प्राकृतिक जल की कमी नहीं, बल्कि शासन की विफलताओं, नीतिगत निष्क्रियता और संसाधनों के खराब प्रबंधन का परिणाम है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अलग-अलग Governmentी विभागों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे, कमजोर नियमन और जवाबदेही की कमी ने देश में जल संकट को गंभीर बना दिया है.

‘यूरोपियन टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक Pakistan लंबे समय से जल संकट के लिए भारत, जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आबादी को जिम्मेदार ठहराता रहा है, जबकि असली वजहें खराब नीतियां, कुप्रबंधन, प्रांतों के बीच पानी का असमान बंटवारा, चोरी और भ्रष्टाचार हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ी नदियों और पर्याप्त भूजल संसाधनों के बावजूद Pakistan में असमान नहर वितरण, अक्षम सिंचाई व्यवस्था, भूजल का अनियंत्रित दोहन, निवेश की कमी और संस्थागत विफलताओं ने जल संसाधन प्रबंधन की समस्या को जल संकट में बदल दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद India ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित कर दिया था. इसके बाद Pakistan के कई सांसदों ने देश के जल संकट के लिए New Delhi को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया, जबकि रिपोर्ट का कहना है कि यह Pakistan की अपनी नीतिगत विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि Pakistan की किसी भी Government ने इन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए. इसका नतीजा कम कृषि जल उत्पादकता, जर्जर और पुरानी नहर प्रणाली, तेजी से घटता भूजल स्तर और कमजोर नियामक व्यवस्था के रूप में सामने आया है. रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि इन विफलताओं के लिए India को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

रिपोर्ट के मुताबिक Pakistan ने पिछले 50 वर्षों में पानी के भंडारण के लिए एक भी बड़ा जलाशय नहीं बनाया. वहीं देश में 15 लाख से अधिक ट्यूबवेलों के कारण भूजल की अनियंत्रित निकासी हो रही है. सस्ती बिजली और बिजली चोरी ने भी इस समस्या को और बढ़ाया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि Pakistan Government समय-समय पर जल प्रबंधन सुधारों की जरूरत स्वीकार करती रही है, लेकिन आवश्यक सुधार लागू करने में विफल रही. इसी कारण भूजल संकट लगातार गहराता जा रहा है.

रिपोर्ट में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा का भी जिक्र किया गया है, जहां जुलाई में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे चला गया था. Pakistan के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार कई इलाकों में वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी (वासा) की जलापूर्ति पूरी तरह बंद या बेहद सीमित हो गई थी.

सरीआब, सिर्की रोड, समुंगली रोड, जिन्ना टाउन, कंबरानी रोड, सैटेलाइट टाउन, सब्जल रोड और खयाबान-ए-आगा जैसे इलाकों के लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा. कई परिवारों को छह महीने तक नल का पानी नहीं मिला और महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को दूर-दूर तक पैदल जाकर पानी लाना पड़ा. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नियमित बिल भरने के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है और शिकायतों पर अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिया गया.

डीएससी

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