Skip to content
Thursday, 22 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राष्ट्रीय

परिसीमन सभी राज्यों के लिए निष्पक्ष हो, पारदर्शिता के बिना आगे न बढ़े केंद्र: अन्नामलाई

परिसीमन सभी राज्यों के लिए निष्पक्ष हो, पारदर्शिता के बिना आगे न बढ़े केंद्र: अन्नामलाई

कोयंबटूर, 20 अक्टूबर . भाजपा के पूर्व नेता के अन्नामलाई ने Tuesday को परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि यह प्रक्रिया देश के लिए आवश्यक है, लेकिन इसे सभी राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र Government को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से सामने रखना चाहिए तथा इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ाना चाहिए.

मीडिया से बातचीत के दौरान अन्नामलाई ने कहा कि दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. ऐसे में परिसीमन के दौरान उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि परिसीमन पूरे देश के प्रत्येक राज्य के लिए निष्पक्ष होना चाहिए.

अन्नामलाई ने कहा कि परिसीमन के तहत प्रतिनिधित्व में 50 प्रतिशत आनुपातिक वृद्धि की बात कही गई थी, लेकिन परिसीमन विधेयक में उन्हें ऐसा कोई प्रावधान नहीं मिला. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र Government अब अपने किए गए वादे को लागू करेगी. उन्होंने संसद का सत्र केवल पांच दिन पहले घोषित किए जाने और सभी सांसदों को बुलाए जाने को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया.

तमिलनाडु की राजनीति पर बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि तमिलागा वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेतृत्व वाले गठबंधन में असंतोष दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि वीसीके भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं और गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों के बीच भी असंतोष है. उन्होंने हालिया चुनाव में वामपंथी दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने का उल्लेख किया.

उन्होंने विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) में भी मतभेदों की ओर इशारा किया और कहा कि थोल थिरुमावलवन को लेकर पार्टी में कुछ असहजता दिखाई दे रही है. अन्नामलाई ने कहा कि वाइको ने तमिलनाडु के प्रशासन में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया है.

उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि गठबंधन कितना एकजुट और समन्वित रहता है, हालांकि भाजपा को इससे विशेष चिंता नहीं है. अन्नामलाई ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें बार-बार उन्हीं मांगों को दोहराने के बजाय आपसी समन्वय के साथ सामूहिक रूप से काम करना चाहिए.

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामले पर अन्नामलाई ने दिल्ली Police की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि देश में कानून का शासन सभी के लिए समान होना चाहिए और इस तरह की घटनाएं चिंता पैदा करती हैं.

उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है. इसके अलावा, अदालत में सीजेपी संगठन की ओर से पेश होने वाले वकीलों को लेकर भी भ्रम की स्थिति है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हिरासत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चिंता जताई.

अन्नामलाई ने कहा कि वह सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के कई तरीकों से असहमत हो सकते हैं और उसके सदस्यों की कुछ गतिविधियों को उचित नहीं मानते, लेकिन वे जिन सवालों को उठाना चाहते हैं, उनका पूरी तरह समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि उन सवालों का जवाब देना Government की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तारी और जेल में उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार को अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखा जाना चाहिए.

अन्नामलाई ने कहा कि उन्हें चिंता है कि दिल्ली Police जिस तरह से इस मामले को संभाल रही है, उससे लोकतंत्र और कानून के शासन पर असर पड़ रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले में Police की कार्यप्रणाली उसके कर्तव्यों से भटकने का संकेत दे सकती है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन पर भी अन्नामलाई ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भागवत के संबोधन पर बड़ी संख्या में लोगों की नजर रहती है.

अन्नामलाई ने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान भागवत ने कहा था कि India सभी समुदायों के लोगों का देश है. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई हिंदू यह कहता है कि India में मुसलमानों और अन्य धर्मों के लोगों के लिए कोई जगह नहीं है, तो वह पूरी तरह गलत है. अन्नामलाई ने कहा कि वह इस बयान का स्वागत करते हैं.

उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया में India के प्रति रुचि बढ़ रही है. दुनिया के देश India और उसकी सभ्यता को करीब से देख रहे हैं. ऐसे में India की बेहतर छवि दुनिया के सामने प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि देश के नेताओं और नागरिकों को भी उन उच्च मानकों के अनुरूप आचरण करना चाहिए, जिन्हें India ने हमेशा अपने लिए निर्धारित किया है.

–

डीएससी

Share