पंजाब में 49 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज, 10 मामलों में लगाया गया 50 हजार रुपये जुर्माना

पटियाला, 28 सितंबर . पंजाब में धान की पराली जलाने के मामलों को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से 27 सितंबर 2026 तक की निगरानी एवं कार्रवाई रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 49 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 35 मामलों में फील्ड निरीक्षण किया गया, जबकि 14 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है.

रिपोर्ट के मुताबिक पराली जलाने के मामलों में अब तक 10 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जिसकी कुल राशि 50,000 रुपये है. इनमें से 10,000 रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है. वहीं, एक मामले में बीएनएस की धारा 223 के तहत First Information Report दर्ज की गई है, जबकि 7 मामलों में रेड एंट्री दर्ज की गई है. अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, चार्जशीट या निलंबन जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. हालांकि 4 मामलों में नोटिस, कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.

फिरोजपुर में 5 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि, 4 मामलों में जुर्माना 20,000 रुपये का जुर्माना, जिसमें 5,000 रुपये वसूले गए. 4 रेड एंट्री और 4 नोटिस दर्ज किए गए. तरनतारन में 8 मामले दर्ज हुए. 3 मामलों में पराली जलाने की पुष्टि, 3 मामलों में 15,000 रुपये जुर्माना, जबकि 3 रेड एंट्री दर्ज की गई हैं.

अमृतसर में 28 मामले रिपोर्ट दर्ज हुए. 16 का निरीक्षण और 4 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि, एक मामले में 5,000 रुपये जुर्माना लगाते हुए पूरी राशि वसूल की गई. पटियाला में एक मामला रिपोर्ट दर्ज हुआ, जिसका निरीक्षण कर पराली जलाने की पुष्टि की गई. इस मामले में 5,000 रुपये जुर्माना लगाया गया और एक First Information Report भी दर्ज हुई.

गौरतलब है कि Government और प्रशासन हर साल पराली जलाने पर कार्रवाई करने के साथ किसानों को जागरूक करते है. इसके बावजूद पंजाब, Haryana और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामले सामने आते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है, गंभीर वायु प्रदूषण फैलता है और मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.

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ओपी/एएस

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