
फरीदकोट, 14 सितंबर . शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना ने बिजली कटौती के खिलाफ 16 सितंबर से जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आप Governmentें बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने में नाकाम रहीं और उपभोक्ताओं और किसानों को सप्लाई में रुकावट का सामना करना पड़ा.
शिरोमणि अकाली दल के नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना ने पंजाब में गहराते बिजली संकट को लेकर मौजूदा Government पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रदेश में बिजली की किल्लत लगातार बढ़ रही है, जिसकी मुख्य वजह नई उत्पादन क्षमता का न जुड़ना है. 2007 में शिरोमणि अकाली दल की Government बनने से पहले पंजाब की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 6,200 मेगावाट थी और 7-8 घंटे बिजली नहीं आती थी. अकाली Government ने 10 साल में मिशन के तौर पर काम कर क्षमता को बढ़ाकर करीब 14 हजार मेगावाट कर दिया यानी लगभग 8,000 मेगावाट जोड़ा गया, लेकिन 2017 के बाद से एक भी यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन में नहीं जोड़ी गई.”
उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद 1947 से लेकर 2007 तक लगभग 60 सालों में पंजाब की बिजली उत्पादन क्षमता महज 6 हजार मेगावाट तक ही पहुंच पाई थी, जबकि शिरोमणि अकाली दल की Government ने अपने 10 साल के कार्यकाल में ही 8 हजार मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़कर एक बड़ा बदलाव किया.
शिरोमणि अकाली दल नेता ने कहा कि इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन घाटे को कम करके 14.5 प्रतिशत पर लाया गया, वहीं 2007 तक राज्य में केवल 660 ग्रिड मौजूद थे, जिन्हें बढ़ाकर शिरोमणि अकाली दल Government 946 ग्रिड तक ले गई, यानी 286 नए ग्रिड बनाए गए ताकि हर गांव तक निर्बाध बिजली पहुंचाई जा सके.
परमबंस सिंह ने कहा कि 2017 से 2026 तक, इन वर्षों में केवल 60 नए ग्रिड बने हैं. इसमें एक यूनिट जोड़ा नहीं गया. बिजली की खपत हर साल लगभग 500 मेगावाट बढ़ती है. 5,000 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई. इस वजह से पंजाब के लोग ये संकट झेल रहे हैं.
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केके/एबीएम