
New Delhi, 21 सितंबर . पंजाब Police के निलंबित उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से रिश्वत लेने वाले एक बिचौलिए को Enforcement Directorate (ईडी) ने गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने Monday को यह जानकारी दी.
ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने 18 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत कृशानू शारदा को गिरफ्तार किया. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चंडीगढ़ की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने शारदा को सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया.
ईडी ने बताया कि यह जांच सीबीआई, एसीबी और चंडीगढ़ Police द्वारा भुल्लर, शारदा और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत दर्ज First Information Report पर आधारित थी.
ईडी ने कहा कि मुख्य अपराध की जांच से प्रथमदृष्टया यह साबित हुआ कि एक Governmentी कर्मचारी और मुख्य आरोपी भुल्लर, कृशानू शारदा के जरिए काम करता था.
ईडी ने बताया कि एक मामले में शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी. इसमें से 5 लाख रुपए कृशानू शारदा के जरिए लिए गए. यह पैसा एक आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को बिना Police के दखल के अपना स्क्रैप का कारोबार जारी रखने देने के लिए लिया गया था. जांच से पता चला कि कृशानू शारदा ने भुल्लर की ओर से पैसे लेने और उनके लेन-देन में मदद की थी.
ईडी ने बताया कि पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी में 8.35 लाख रुपए जब्त किए गए और कुल 1.42 करोड़ रुपए के बैलेंस वाले बैंक और पोस्ट-ऑफिस अकाउंट और इन्वेस्टमेंट को फ्रीज कर दिया गया.
ईडी ने कहा कि वित्तीय रिकॉर्ड और जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस की जांच से बिना हिसाब-किताब वाले नकद जमा, इन्वेस्टमेंट और लेन-देन (जिसमें भुल्लर के साथ लेन-देन भी शामिल है) का पता चला है. इसके साथ ही प्रथम दृष्टया अन्य Governmentी कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत भी मिले हैं.
सीबीआई ने कहा कि वह पैसे के पूरे लेन-देन का पता लगा रही है और इसी तरह की गतिविधियों में तथा अपराध से हुई कमाई को बनाने, इधर-उधर करने, छिपाने और इस्तेमाल करने में अन्य लोगों/संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है.
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डीके/वीसी