
नोएडा, 26 अगस्त . नोएडा में 13 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र आयुष शुक्ला की हत्या के मामले में Wednesday को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डेरा डाल दिया. मृतक की मां समेत परिवार के लोगों ने बच्चे का शव लेने से इनकार कर दिया. परिजनों की मांग है कि आयुष की हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उनका Police एनकाउंटर किया जाए.
इस मामले को लेकर कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पहुंच गए हैं. स्थिति को देखते हुए मौके पर Police के कई आला अधिकारी और भारी Police बल तैनात किया गया है. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक की मां अपने बेटे के शव को लेने से इनकार करते हुए बैठी हुई हैं. इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत हुई, जिसके बाद मौके पर ही स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से उन्हें ड्रिप चढ़ाई जा रही है. परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव नहीं लेंगे.
आयुष शुक्ला हत्याकांड में Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक सभी आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की बात कही है. Police ने ब्रिजू और असद को हिरासत में लिया है. दोनों को बाल अपचारी के तौर पर Police ने अपने कब्जे में लिया है. Police मामले में आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. परिजनों का आरोप है कि आयुष को उसके दोस्तों ने जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बहाने घर से बुलाया था. इसके बाद उसे सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई.
परिजनों ने असद, बीजू, समेत अन्य साथियों पर हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए हैं. मामले की शुरुआत 16 अगस्त से हुई थी. परिजनों के मुताबिक, आयुष को उसके दो दोस्त जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे. इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा. परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और आसपास के लोगों तथा परिचितों से जानकारी जुटाई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. करीब एक सप्ताह बाद 21 अगस्त को सेक्टर-54 के जंगल क्षेत्र से Police को एक अज्ञात शव बरामद हुआ. बाद में शव की पहचान 13 वर्षीय हैप्पी उर्फ आयुष शुक्ला के रूप में हुई. पहचान होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया.
Police के मुताबिक, 25 अगस्त को मृतक की मां ने थाना सेक्टर-24 में तहरीर दी थी. शिकायत में बताया गया कि उनका 13 वर्षीय बेटा हैप्पी उर्फ आयुष शुक्ला घर से खेलने के लिए अपने दोस्तों के घर गया था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. शिकायत के आधार पर Police ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान Police ने मामले में संदिग्धों से पूछताछ की और अब ब्रिजू तथा असद को हिरासत में लिया गया है. दोनों के नाबालिग होने के कारण Police उन्हें बाल अपचारी के तौर पर लेकर कार्रवाई कर रही है.
Wednesday को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और हिंदू संगठनों के जुटने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मासूम बच्चे की हत्या करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए. स्थिति को देखते हुए Police ने पोस्टमार्टम हाउस के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है.
कई वरिष्ठ Police अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और Police बल की तैनाती की गई है. अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल, Police पूरे मामले की जांच में जुटी है. आयुष की हत्या किन परिस्थितियों में हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे और हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इन सभी बिंदुओं पर Police पूछताछ कर रही है.
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पीकेटी/डीकेपी