नेहा बोरा-प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ बयान पर एनडीए का हमला, हिमंता बोले- विपक्ष के पास कोई विजन नहीं

New Delhi, 16 अक्टूबर . नेहा बोरा और प्रशांत भूषण की ओर से ‘सत्ता परिवर्तन’ को लेकर दिए गए बयान पर एनडीए नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “जब एसआईआर पर चर्चा की जाती है, तो उनको (विपक्ष) अपनी नैतिकता पर भी ध्यान देना चाहिए. केरल और पश्चिम बंगाल में भी एसआईआर की प्रक्रिया की गई. जब तक केरल में उनके Chief Minister इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे एसआईआर का विरोध नहीं कर सकते, क्योंकि वे दोनों तरफ की बातें एक साथ नहीं कर सकते.”
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “जहां वे (विपक्ष) जीतते हैं, वहां एसआईआर अच्छा है और जहां हारते हैं, वहां एसआईआर बुरा हो जाता है. राहुल गांधी संस्थाओं और व्यापारियों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने तो Supreme Court तक को ब्लैकमेल करने की हिम्मत दिखाई है. लोगों से Supreme Court की ओर मार्च करने के लिए कहा, वे नंबर एक के ब्लैकमेलर हैं.”
असम के सीएम ने कहा, “उनके पास India के लिए कोई विजन नहीं है. वे बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति India में लाना चाहते हैं और उन्हें दिल्ली की सड़कों पर उतारना चाहते हैं. लोग सत्ता परिवर्तन के इस विचार से कभी सहमत नहीं होंगे. हम एक लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय देश हैं. अगर हमें कोई Government पसंद नहीं आती, तो हम वोट के जरिए उसे हटा देते हैं. कर्नाटक इसका एक उदाहरण है. कभी वहां भाजपा की Government होती है, फिर लोग भाजपा को हटाकर कांग्रेस को ले आते हैं. फिर वे कांग्रेस को हटाकर वापस भाजपा को ले आते हैं. यहां लोग लोकतांत्रिक तरीकों से Governmentें बदल सकते हैं.”
से बातचीत करते हुए भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “ये लोग बेनकाब हो गए हैं. उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध करने का दावा किया था, लेकिन वे देश और इसकी चुनी हुई Government के खिलाफ निकले हैं. वे लोकतंत्र में लोगों के जनादेश के खिलाफ हैं. उन्हें एहसास हुआ है कि पीएम Narendra Modi को लोगों के दिलों से हटाया नहीं जा सकता है या वोटों के जरिए हराया नहीं जा सकता है, इसलिए वे बांग्लादेश जैसी क्रांति लाना चाहते हैं. वे ऐसे तरीकों से Government बदलना चाहते हैं.”
BJP MP राहुल सिन्हा ने कहा, “यह बिल्कुल सही है. ये लोग (विपक्ष) देश को बेहतर नहीं बनाना चाहते बल्कि विदेशी ताकतों की मदद से विरोध प्रदर्शनों के जरिए देश में अफरातफरी फैलाना चाहते हैं, हालांकि बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका में जो हुआ, वह India में नहीं हो सकता, क्योंकि India एक लोकतंत्र है और Narendra Modi यहां के Prime Minister हैं.”
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, “कांग्रेस और राहुल गांधी जिस तरह का आंदोलन और हड़ताल की राजनीति कर रहे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि 3,000 लोगों के समूह के साथ वे इस देश में कुछ भी हासिल नहीं कर सकते. यह न तो बांग्लादेश है और न ही नेपाल. यहां न तो नेहा बोरा की चालें काम आएंगी और न ही राहुल गांधी की. आप देख सकते हैं कि इस देश के लोग कितने नाराज हैं. विमान से लेकर कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस तक, लोगों ने तीखी आलोचना की है. ‘वोट चोरी’ के दावों और अन्य बहानों की आड़ में आप सत्ता परिवर्तन थोपना चाहते हैं, लेकिन India ऐसा कभी नहीं होने देगा.”
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एसडी/वीसी


