नेपाल बाढ़ त्रासदी: गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और यूपी के सीएम से की बात, अलर्ट पर राहत-बचाव एजेंसियां

New Delhi, 26 अगस्त . नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर India में भी चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ से बात की है. सीमावर्ती इलाकों में संभावित प्रभाव को देखते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका अत्यंत दुखद है. उन्होंने इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में India Government नेपाल के साथ मजबूती से खड़ी है.

अमित शाह ने बताया कि उन्होंने नेपाल में आई आपदा को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की है. उन्होंने कहा कि बाढ़ का प्रभाव जिन सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ सकता है, वहां स्थानीय प्रशासन, राहत एवं बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है.

वहीं, बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने भी नेपाल में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई मौतें बेहद दुखद हैं और वह दिवंगत लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं.

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि नेपाल में फंसे सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में India Government और देश के नागरिक नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन में राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल में आई बाढ़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है. उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी प्रभावित लोगों के सुरक्षित होने की प्रार्थना की.

Chief Minister योगी ने कहा कि बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक एवं नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

इधर, आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड के बाद उनकी ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता हैं. ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और दुर्घटना के समय इमिग्रेशन केंद्र पर मौजूद थे.

सद्गुरु ने एक्स पर कहा कि बाढ़ के कारण इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया. उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में स्वयं निगरानी कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा में शामिल 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अब भी तिब्बत, 148 लोग नेपाल में हैं. वहीं 77 श्रद्धालु इमिग्रेशन केंद्र पर मौजूद थे, जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है.

बता दें कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कई लोगों की मौत की आशंका है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. India और नेपाल की एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं.

एएमटी/डीकेपी

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