
Mumbai , 2 सितंबर . Maharashtra Government में मंत्री नितेश राणे ने हिजाब और बुर्के को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठती है, तो हिंदुत्व की विचारधारा वाली राज्य Government इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है.
Maharashtra Government के मंत्री नितेश राणे ने समाचार एजेंसी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि Maharashtra में हिंदुत्व की विचारधारा वाली Government है और Government इस तरह के मुद्दों पर निश्चित तौर पर विचार करेगी. उनकी Government पहले ही ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून ला चुकी है और छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों पर मौजूद कथित अवैध ढांचों और मज़ारों को हटाने की कार्रवाई भी की गई है. इस कार्रवाई का उद्देश्य ‘लैंड जिहाद’ को रोकना था.
हिजाब पर संभावित फैसले को लेकर राणे ने कहा कि यदि इसकी जरूरत महसूस हुई तो Government इस दिशा में भी कड़ा निर्णय लेने पर विचार कर सकती है. उन्होंने इसे राज्य Government की हिंदुत्ववादी सोच के अनुरूप बताया. उन्होंने Mumbai के कूपर अस्पताल में बुर्के को लेकर हुए विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से उठाया गया कदम गलत गतिविधियों को रोकने के लिहाज से उचित है.
कूपर अस्पताल के विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री राणे ने दावा किया कि हिजाब और बुर्के का इस्तेमाल कुछ मामलों में अपराधों को अंजाम देने या पहचान छिपाने के लिए किया गया है. उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में नकल, मतदान के दौरान कथित फर्जी वोटिंग और बच्चों के अपहरण जैसी घटनाओं का उल्लेख किया. हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने किसी विशिष्ट मामले या आधिकारिक आंकड़े का हवाला नहीं दिया.
राणे ने कहा कि उन्होंने Mumbai के अन्य अस्पतालों में भी ऐसी घटनाओं के बारे में सुना है, जिनमें कथित तौर पर बच्चों के अपहरण में हिजाब या बुर्के का इस्तेमाल किया गया. यदि किसी अस्पताल ने सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा रुख अपनाया है तो वह सही है और ऐसे कदमों का उद्देश्य गलत गतिविधियों या पहले हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हिजाब और बुर्के को लेकर मुस्लिम बहुल तथा इस्लामिक देशों में अलग-अलग नीतियां हैं. इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुछ देशों में इन पर प्रतिबंध लगाया गया है, तो India में भी सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब को लेकर प्रतिबंध की मांग का स्वागत क्यों नहीं किया जाना चाहिए.
नितेश राणे ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी Government का बचाव किया. मज़गांव में अंडे फेंके जाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि Maharashtra Police सक्षम है और आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया तथा उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए.
उन्होंने कहा कि Maharashtra और केंद्र में हिंदुत्व की विचारधारा वाली Government है. केंद्र में Prime Minister Narendra Modi और Maharashtra में Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए राणे ने कहा कि हिंदू समुदाय ने Government को इस उम्मीद के साथ सत्ता में भेजा है कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. उनके मुताबिक, मंत्रियों को इसी जिम्मेदारी के लिए Government में स्थान दिया गया है.
राणे ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट (यूबीटी) और कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने अहिल्यानगर में तिलक लगाने वाले एक हिंदू युवक की कथित हत्या का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि उस घटना पर इन दलों के नेताओं ने आवाज क्यों नहीं उठाई.
उन्होंने कहा कि जो Political दल खुद को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान तथा ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ की बात करते हैं, उन्हें ऐसे मामलों में भी समान रूप से आवाज उठानी चाहिए. राणे ने आरोप लगाया कि कुछ Political दल हिजाब या बुर्के से जुड़े मुद्दों पर मुखर होते हैं, लेकिन हिंदुओं से जुड़े मामलों में चुप रहते हैं.
उन्होंने कहा कि Political दल किस रंग या विचारधारा को अपनाते हैं, यह उनका अपना फैसला है, लेकिन बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वालों को अपने Political रुख पर आत्ममंथन करना चाहिए.
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एसएके/पीएम