
Lucknow, 9 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने Friday को कहा कि एयरपोर्ट का नाम बदलने से एयरपोर्ट की किस्मत नहीं बदलेगी. उन्होंने कहा कि अधिक गंभीर प्रश्न यह है कि एयरपोर्ट से राज्य के लोगों को क्या लाभ होगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर Narendra Modi इंटरनेशनल एयरपोर्ट करने पर मोना ने कहा कि लगभग 30,000 करोड़ रुपए की लागत से बने एयरपोर्ट का नाम बदलने से उसकी किस्मत नहीं बदल सकती.
उन्होंने कहा कि इससे पहले हमने देखा था कि कैसे टैक्सपेयर्स के हजारों करोड़ रुपए से बना एयरपोर्ट बारिश के बाद पूरी तरह पानी में डूब गया था. आप एयरपोर्ट का नाम जो चाहें रख सकते हैं, लेकिन आपको राज्य के लोगों को यह भी बताना होगा कि इससे उत्तर प्रदेश के लोगों को कितना रोजगार मिल रहा है.
उन्होंने पूछा कि इस एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश के लोगों को क्या फायदा होता है और अगर इससे कोई बदलाव नहीं आया है तो नाम बदलने का क्या मतलब है.
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा भी उठाया और कहा कि भाजपा को उन 13 करोड़ नामों के बारे में भी जवाब देना चाहिए जिन्हें एसआईआर के आधार पर वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार अपने पद से कब इस्तीफा देंगे, जो वोट चोरी के लिए जिम्मेदार हैं.
उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Friday को घोषणा की कि जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर Narendra Modi इंटरनेशनल एयरपोर्ट कर दिया जाएगा. यह फैसला उनकी कैबिनेट द्वारा पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पारित एक प्रस्ताव के बाद लिया गया.
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट पीएम मोदी की आभारी है कि उन्होंने राज्य को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का तोहफा दिया है. यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और भविष्य में देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है, इसलिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने नोएडा के जेवर में स्थित एयरपोर्ट का नाम बदलकर Narendra Modi इंटरनेशनल एयरपोर्ट करने का प्रस्ताव पारित किया है.
जेवर एयरपोर्ट के विकास से उत्तर प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
पीएम मोदी ने इस साल मार्च में एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था.
इसकी शुरुआती सालाना यात्री क्षमता लगभग 12 मिलियन आंकी गई है. सभी चार चरणों के पूरा होने पर, इसके एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनने की उम्मीद है.
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डीकेएम/डीकेपी