
Bengaluru, 28 अगस्त . कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे को लेकर भाजपा ने कांग्रेस Government पर हमला तेज कर दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय सह-प्रभारी (कर्नाटक एवं तमिलनाडु) और तेलंगाना के पूर्व एमएलसी डॉ. पोंगुलेटी सुधाकर रेड्डी ने कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा आदिवासी न्याय, सार्वजनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा के निरंतर संघर्ष की बड़ी जीत है.
Friday को जारी एक बयान डॉ. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि कर्नाटक मंत्रिमंडल से बी नागेंद्र का इस्तीफा लोकतांत्रिक जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने दावा किया कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ कर्नाटक भाजपा द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे संघर्ष का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी एक मंत्री के पद पर बने रहने या न रहने का नहीं था, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निर्धारित धनराशि से जुड़ा हुआ था.
डॉ. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े मामले में सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला इतना गंभीर है कि इससे जुड़े घटनाक्रम में एक अधिकारी की आत्महत्या तक हो गई, जो पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य व्यावसायिक धन नहीं था, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के आर्थिक विकास के लिए बनाई गई एक सार्वजनिक संस्था का धन था. ऐसे में इस निगम से कथित तौर पर दुरुपयोग की गई हर राशि आदिवासी परिवारों, युवाओं, महिलाओं और उभरते उद्यमियों के अवसरों को प्रभावित करती है.
भाजपा नेता ने कहा कि जब आदिवासी कल्याण कोष से जुड़े इतने गंभीर आरोप जांच एजेंसियों के सामने थे, तब कोई भी जिम्मेदार Political दल चुप नहीं बैठ सकता था.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को लगातार उठाया और Government पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाए रखा.
डॉ. सुधाकर रेड्डी ने कर्नाटक भाजपा नेतृत्व, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने Government पर लगातार दबाव बनाए रखा.
उन्होंने कहा, “कर्नाटक भाजपा ने दिखाया कि एक सतर्क विपक्ष की भूमिका क्या होती है. पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में लगातार इस मुद्दे को उठाया. हमारे सदस्यों ने विधान परिषद में भी इसी लड़ाई को आगे बढ़ाया.”
उनके अनुसार, विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा और Government को उन सवालों का सामना करना पड़ा, जिनसे वह बचने की कोशिश कर रही थी.
भाजपा नेता ने दावा किया कि आंदोलन इतना तेज हो गया था कि विपक्ष के लगातार विरोध और जवाबदेही की मांग के बीच कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र को निर्धारित समय से तीन दिन पहले समाप्त करना पड़ा.
उन्होंने कहा कि बी नागेंद्र का इस्तीफा सिर्फ एक Political घटना नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों और Governmentी जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण जीत है. भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आने तक अपना Political और जन आंदोलन जारी रखेगी.
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एएमटी/डीएससी