दो द‍िवसीय यात्रा पर भूटान पहुंचे एस जयशंकर, व‍िदेश मंत्री ल्योनपो डीएन ढुंग्येल ने क‍िया स्‍वागत

थिम्पू, 16 सितंबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर Wednesday को दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर भूटान पहुंचे. हवाई अड्डे पर उनका स्‍वागत भूटान के विदेश और बाहरी व्यापार मंत्री ल्योनपो डीएन ढुंग्येल ने क‍िया. व‍िदेश मंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य India और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी सहयोग और दोस्ती को मजबूत करना है.

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “कुजुजांगपो ला, भूटान! आज पारो पहुंचकर खुशी हुई. भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डी. एन. ढुंगेल का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद. हमारी अनोखी दोस्ती और मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाने वाले कार्यक्रमों का इंतजार है.”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री ढुंगेल के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.

इसके अलावा, उनकी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से शाही मुलाकात भी निर्धारित है. वे भूटान के Prime Minister शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे.

विदेश मंत्री ने कहा कि यह यात्रा India और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय बातचीत की परंपरा को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद घनिष्ठ मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने के लिए की जा रही है.

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब India और भूटान के बीच लगातार उच्चस्तरीय और संस्थागत स्तर पर संपर्क बना हुआ है. दोनों देश कूटनीति, विकास और लोगों से जुड़े कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.

इससे पहले Monday को India के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने तीन दिवसीय भूटान दौरे की शुरुआत में थिम्फू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की थी.

आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार की यात्रा का उद्देश्य India के चुनाव आयोग और भूटान के चुनाव आयोग के बीच संस्थागत सहयोग को और मजबूत करना है.

उनके दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम Tuesday को पारो स्थित जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ में मनाया गया भूटान का राष्ट्रीय मतदाता दिवस था.

जयशंकर की यह यात्रा India और भूटान को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करने का अवसर देगी. भूटान के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बैठकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर रहने की उम्मीद है.

एवाई/डीएससी

Leave a Comment