देश के युवा राहुल गांधी के साथ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं: प्रदीप भंडारी

New Delhi, 25 अगस्त . भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने Tuesday को Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के युवा राहुल के साथ नहीं, बल्कि Prime Minister Narendra Modi के साथ हैं.

प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी फेक पीआर का सहारा लेकर ‘छात्रों के गूंज’ जैसे कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों के बीच में यह अवधारणा स्थापित करना चाहती है कि आज की तारीख में छात्र हमारे साथ है, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अब कांग्रेस के लोगों ने ही फेक पीआर के बैलून को तोड़कर रख दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों ने पुणे में आयोजित राहुल गांधी के कार्यक्रम के बारे में कोई पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं दिया और इसमें कोई मामूली नेता नहीं, बल्कि अजय माकन और चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेता शामिल हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अजय माकन ने अपने किसी भी social media प्लेटफॉर्म पर राहुल गांधी के कार्यक्रम के बारे में कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह वही अजय माकन हैं, जो 15 अगस्त को सोनिया गांधी के बगल में खड़े थे, जब सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया था. अगर 249 कांग्रेस नेताओं में से 130 नेताओं ने राहुल गांधी के पक्ष में अपनी बात रखी है, तो इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि कांग्रेस के लोग ही अपने नेता के साथ नहीं हैं, क्योंकि वे इस बात को भलीभांति जानते हैं कि जमीनी स्तर पर इस देश के युवा राहुल गांधी के साथ नहीं, बल्कि Prime Minister Narendra Modi के साथ हैं.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में कुछ ऐसी लॉबी है, जो राहुल गांधी को रिलॉन्च करने में जुटी है, लेकिन इन लोगों को हर बार मुंह की खानी पड़ती है. इनकी उम्मीदों पर पानी फिर जाता है. देश की जनता इन लोगों को आईना दिखा देती है. इसके बाद भी ये लोग बाज नहीं आते हैं.

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी के नेता ही छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बारे में पॉजिटिल रिसपॉन्स नहीं दे रहे हैं तो वह इस बात को भलीभांति मान रहे हैं कि राहुल गांधी का जमीन से कोई लेनादेना नहीं है. इसके अलावा, इससे यह भी जाहिर हो रहा है कि कांग्रेस में अंतर्कलह की स्थिति बनी हुई है. उधर, अगर चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेता भी अगर राहुल गांधी के पक्ष में नहीं हैं तो चुनावी राज्यों में कांग्रेस नेता इस बात को मान चुके हैं कि राहुल गांधी का जमीनी स्तर पर लोगों से कोई जुड़ाव नहीं है.

एसएचके/डीकेपी

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