
Lucknow, 7 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश के हाथरस में दीपावली पर्व के मद्देनजर अवैध आतिशबाजी निर्माण के खिलाफ Police ने Wednesday को बड़ी कार्रवाई की है. जनसुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत Police टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों के कब्जे से करीब 25 टन पोटाश और 8 टन गंधक यानी पोटैशियम सल्फेट बरामद किया गया है. Police के मुताबिक, अवैध आतिशबाजी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बरामदगी के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है. संभावित ठिकानों पर Police की तलाश जारी है.
मामले को लेकर Police अधीक्षक हाथरस, चिरंजीव नाथ सिन्हा ने जानकारी दी कि जनपद हाथरस में दीपावली पर्व के दृष्टिगत जन सुरक्षा के निमित अवैध आतिशबाजी निर्माण सामग्री से संबंधित एक विशेष अभियान शुरू किया गया है. इस क्रम में 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और अभी 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जाना बाकी है.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 33 टन आतिशबाजी निर्माण संबंधित अवैध सामग्री बरामद हुई है, जिसमें 25 टन पोटास, जिसे पोटेशियम नाइट्रेट कहते हैं और 8 टन गंधक, जिसे पोटेशियम सल्फेट कहते हैं, जो बरामद की गई है. Police अधीक्षक ने कहा कि इस संबंध में अन्य स्थानों पर भी अभी सर्च ऑपरेशन जारी है.
उत्तर प्रदेश में Police की ओर से की गई कार्रवाई का दूसरा मामला Wednesday को महराजगंज से सामने आया, जहां social media पर रातों-रात मशहूर होने, लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बटोरने का खुमार एक युवक पर इस कदर हावी हुआ कि उसने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर डाला.
युवक ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कैम्प को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से ब्लास्ट करते हुए दिखाया और इस सनसनीखेज वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर दिया.
जैसे ही यह भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो social media पर वायरल हुआ, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए Police टीम ने फौरन डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया और कार्रवाई करते हुए अभियुक्त फैयाज अहमद को दबोच लिया.
Police ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त के अकाउंट से उस आपत्तिजनक वीडियो को तुरंत डिलीट करवाया और उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान फैयाज के रूप में हुई है. Police की ओर से अभियुक्त के खिलाफ चालान कर उसे अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय भेज दिया गया है.
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डीके/डीकेपी