दिसंबर में पीएम मोदी का कनाडा दौरा द्विपक्षीय संबंधों की तरफ बढ़ा अगला ‘तार्किक कदम’ होगा: उच्चायुक्त पटनायक (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

ई दिल्ली, 14 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा पर सभी की निगाहें टिकी हैं. कनाडा में India के उच्चायुक्त दिनेश के. Patnaयक ने कहा कि भारतीय समुदाय भी पीएम मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को मजबूती देने की दिशा में अगला तार्किक कदम होगा.
के साथ विशेष बातचीत में Patnaयक ने कहा कि पिछले एक साल में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया है. Political संपर्क बढ़ने के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृषि, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है.
पढ़िए पूरा साक्षात्कार:
: Prime Minister Narendra Modi का कनाडा दौरा दिसंबर में प्रस्तावित है. ये भारत-कनाडा संबंधों की दृष्टि से कितना अहम है?
दिनेश के Patnaयक: पिछले वर्ष से, हम अपने संबंधों को उच्च स्तर पर बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं. यह प्रक्रिया तब शुरू हुई जब Prime Minister Narendra Modi ने कनाडा के कनानास्किस में जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्हें प्रधान मंत्री मार्क कार्नी द्वारा आमंत्रित किया गया था. दोनों नेताओं ने फैसला किया कि दोनों देशों के उच्चायुक्तों को अपने-अपने पद पर लौट जाना चाहिए. दोनों उच्चायुक्तों ने पिछले साल सितंबर में अपना कार्यभार फिर से शुरू किया.
तब से, हमने एक वर्ष पूरा कर लिया है, और बहुत कुछ हुआ है. Prime Minister कार्नी ने इस वर्ष फरवरी-मार्च में India का दौरा किया, और दोनों विदेश मंत्री पिछले वर्ष में 12 से अधिक बार मिल चुके हैं. हमने कई बार रक्षा मंत्रियों, व्यापार मंत्रियों, ऊर्जा मंत्री, प्राकृतिक संसाधन मंत्री, कनाडा, शिक्षा प्रतिनिधिमंडलों और हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की India यात्रा देखी है. इन सभी चीजों को मिलाकर, ये घटनाक्रम हमें एक ऐसे चरण पर ले आए हैं जहां Prime Minister मोदी की यात्रा अगला तार्किक कदम है.
Prime Minister मोदी ने आखिरी बार 2015 में कनाडा का दौरा किया था, इसलिए काफी समय हो गया है. हम व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं और चौथे दौर की बातचीत समाप्त हो गई है. बातचीत तेजी से आगे बढ़ी है.
जब पिछले साल नवंबर में दोनों प्रधानमंत्रियों की जोहान्सबर्ग में मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक साल के भीतर वार्ता समाप्त करने पर सहमति जताई थी. मुझे विश्वास है कि हम नवंबर तक इन्हें पूरा कर लेंगे. हमें उम्मीद है कि जब Prime Minister मोदी कनाडा जाएंगे तो हम सीईपीए पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में होंगे.
संक्षेप में कहूं, India और कनाडा के बीच साझेदारी को व्यापक बनाने के लिए जरूरी प्रमुख क्षेत्रों में अब काम आगे बढ़ रहा है. इनमें सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, निवेश, व्यापार, रक्षा संवाद, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि एवं खाद्य क्षेत्र, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं.
मैं इसके लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और सबसे बढ़कर दोनों प्रधानमंत्रियों का आभार जताना चाहता हूं जिनकी अगुवाई में ये संभव हो पाया है.
: Prime Minister Narendra Modi की नीतियों और नेतृत्व ने समय के साथ भारत-कनाडा संबंधों को किस तरह आकार दिया है?
दिनेश के Patnaयक: बिल्कुल, मैं मानता हूं कि Prime Minister के प्रोत्साहन और नेतृत्व के बिना, कुछ भी नहीं हो पाता.
मैं इसका पूरा श्रेय दोनों प्रधानमंत्रियों को दूंगा. Prime Minister कार्नी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में Prime Minister मोदी को आमंत्रित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जबकि मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया.
जब दोनों देशों के उच्चायुक्तों ने अपने-अपने पद संभाले, तब उन्हें Governmentों के शीर्ष स्तर से स्पष्ट निर्देश मिले थे कि द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत बनाना है और उन्हें पहले से बेहतर स्तर पर ले जाना है.
मेरा विचार है कि दोनों प्रधानमंत्रियों के सक्रिय समर्थन और मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं होती.
: कनाडा में भारतीय समुदाय काफी बड़ा है. Prime Minister मोदी की संभावित यात्रा के दौरान उनके स्वागत के लिए यह समुदाय कैसी तैयारी कर रहा है?
दिनेश के Patnaयक: Prime Minister मोदी ने आखिरी बार 2015 में कनाडा का दौरा किया था. ऐसे में करीब 11 साल बाद उनकी प्रस्तावित यात्रा को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय में काफी उत्साह है. कनाडा की 2021 की जनगणना के अनुसार, यहां भारतीय मूल के लोगों की आबादी लगभग 30 लाख है.
भारतीय समुदाय के अलग-अलग वर्गों के लोगों से लगातार यह पूछने के लिए संदेश और अनुरोध मिल रहे हैं कि Prime Minister मोदी वहां कब आएंगे और वो उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं. इस समुदाय में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख सहित विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमियों के लोग हैं. इसके अलावा छात्र, शोधकर्ता, शिक्षाविद, कारोबारी और India के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग भी Prime Minister से मिलने की इच्छा जता रहे हैं.
लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोगों वाले इस समुदाय के हर व्यक्ति से Prime Minister की मुलाकात संभव नहीं होगी, लेकिन यह प्रयास किया जाएगा कि उनकी यात्रा से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का अवसर मिले.
: India और कनाडा अंतरराष्ट्रीय अपराध, आतंकवाद और प्रत्यर्पण के मामलों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. आतंकवाद से निपटने में यह कितना अहम है?
दिनेश के Patnaयक: हम इन मुद्दों से पार पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. जब मैं पिछले साल 18 सितंबर को India आया था, तो कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी उसी हफ्ते India के दौरे पर थीं ताकि अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल के साथ बातचीत कर सकें. इसी तरह, एनएसए अजीत डोभाल ने फरवरी में कनाडा का दौरा किया था.
तब से दोनों देश सीमापार अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए काम कर रहे हैं.
पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लगातार बढ़ा है. दोनों देशों की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है. दोनों पक्षों में यह साझा समझ विकसित हुई है कि कनाडा में सामने आने वाली कुछ सुरक्षा चुनौतियां India के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं और इसी तरह इनका असर कनाडा पर भी पड़ता है.
: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हाल ही में कनाडाई Prime Minister के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन के साथ बातचीत की. आप इस बैठक को कैसे देखते हैं?
दिनेश के Patnaयक: यह एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक थी क्योंकि दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र के बीच समन्वय द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की बुनियाद है.
Patnaयक ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा और साझा चिंताओं को लेकर बेहतर समझ पिछले एक साल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है. उन्हें उम्मीद है कि Prime Minister मोदी के कनाडा दौरे तक दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत हो जाएगा. मॉरिसन कनाडा के प्रमुख विदेश नीति सलाहकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारियों में शामिल हैं. दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के बीच संवाद ने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आधार तैयार किया है.
दोनों पक्ष अपने बीच मौजूद समस्याओं और चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. सुरक्षा का मुद्दा पहले द्विपक्षीय संबंधों में मुश्किलों का एक प्रमुख कारण रहा था, लेकिन अब इस पर बातचीत और सहयोग के जरिए आगे बढ़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.
India और कनाडा की एजेंसियों के बीच सहयोग में रॉयल कैनेडियन माउंटेड Police (आरसीएमपी), India की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य संबंधित संस्थाएं शामिल हैं. इस सहयोग के दायरे में आव्रजन, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, संगठित अपराध, धनशोधन और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे आते हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि दिसंबर में Prime Minister मोदी की प्रस्तावित यात्रा तक भारत-कनाडा संबंधों में कई क्षेत्रों में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी.
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केआर/


