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Monday, 19 October 2026
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दिव्यांश सिंह पंवार: युवा निशानेबाज, विश्व कप में देश के लिए जीत चुके हैं गोल्ड

दिव्यांश सिंह पंवार: युवा निशानेबाज, विश्व कप में देश के लिए जीत चुके हैं गोल्ड

New Delhi, 18 अक्टूबर . निशानेबाजी के क्षेत्र में भारतीय निशानेबाज तेजी से विश्व पटल पर अपना नाम स्थापित करते जा रहे हैं. इसमें युवा निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार का नाम भी प्रमुख है. 24 साल के होने जा रहे दिव्यांश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए पदक जीत चुके हैं.

दिव्यांश सिंह पंवार का जन्म 19 अक्टूबर 2002 को jaipur, Rajasthan में हुआ था. उनके पिता का नाम अशोक पंवार और माता का नाम निर्मला देवी है. दिव्यांश ने 2014 में 12 साल की उम्र में शूटिंग (निशानेबाजी) शुरू की. शुरुआत में jaipur के जगतपुरा शूटिंग रेंज में अपनी बड़ी बहन अंजलि के साथ उन्हीं के उपकरणों से दिव्यांश ने अभ्यास शुरू किया.

2017 में उनके पिता ने प्रशिक्षण के लिए उन्हें New Delhi के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में दाखिला कराया. वहां दिव्यांश ने दीपक कुमार दुबे से ट्रेनिंग ली.

पंवार ने सुहल में 2018 आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में दो गोल्ड मेडल जीते. पंवार, हृदय हजारिका और शाहू तुषार माने की तिकड़ी ने जूनियर पुरुषों की टीम 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में 1875.3 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता. यह विश्व जूनियर रिकॉर्ड है. जूनियर मिक्स्ड टीम इवेंट में, पंवार और एलावेनिल वलारिवन ने 498.6 स्कोर करके वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड तोड़ा और गोल्ड जीता. चांगवोन में 2018 आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में, पंवार और श्रेया अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल जूनियर मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता.

दिव्यांश ने बीजिंग में 2019 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में सिल्वर मेडल जीता और 2020 समर ओलंपिक्स में India के लिए कोटा हासिल किया. टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में दिव्यांश का 32वां रैंक था.

विश्व कप में मिश्रित टीम स्पर्धा में अंजुम मौदगिल के साथ जोड़ी बनाकर दिव्यांश बीजिंग में स्वर्ण, म्यूनिख में स्वर्ण और रियो डी जनेरियो में कांस्य पदक जीत चुके हैं. 2019 विश्व कप फाइनल में, पंवार ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण जीता था.

भारतीय निशानेबाजी लगातार वैश्विक मंचों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. भविष्य में दिव्यांश से इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि की उम्मीद है.

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पीएके

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